किशनगंज: ईंट भट्ठों के संचालन में हो रही नियमों की अनदेखी, MLA ने रोक लगाने की मांग की

प्रदूषण बोर्ड के आदेश के बाबजूद संबंधित विभाग के अधिकारी से मिलीभगत कर भट्ठा मालिक पुराने डिजाइन के चिमनी से ही ईंट को पका रहे हैं. ये चिमनी प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है.

किशनगंज: ईंट भट्ठों के संचालन में हो रही नियमों की अनदेखी, MLA  ने रोक लगाने की मांग की
भट्ठा संचालन में नियमों की हो रही है अनदेखी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

किशनगंज: बिहार के किशनगंज के बहादुरगंज में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. यहां ईंट भट्ठों का संचालन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है. भट्ठी संचालन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तय मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है. लेकिन इस पर ना तो प्रशासन का ध्यान है और ना ही अधिकारियों का. 

बता दें तय मानक के अनुसार प्रदूषण बोर्ड ने ईंट भट्ठों के संचालन के लिए जिग जैग चिमनी लगाना जरुरी कर रखा है. बावजूद इसके तय मानक के अनुरुप कोई भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है. 

प्रदूषण बोर्ड के आदेश के बाबजूद संबंधित विभाग के अधिकारी से मिलीभगत कर भट्ठा मालिक पुराने डिजाइन के चिमनी से ही ईंट को पका रहे हैं. ये चिमनी प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है. इस चिमनी से निकल रहे जहरीले धुएं पर्यावरण को बहुत नुकसान पंहुचा रहा हैं. 

किशनगंज के बहादुरगंज प्रखंड के एबीसी ईंट भट्ठा से निकलने वाला जहरीला धुआं सरकार के जल जीवन हरियाली अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजना पर पानी फेर रहा है. दरअसल एबीसी ईंट भट्ठा संचालक अपने यहां भट्टी में दो चिमनी लगा रखी है. जिसमें एक से सफ़ेद धुआं और दुसरे से काले धुआं निकलता है. 

सफ़ेद धुएं वाली चिमनी प्रदूषण विभाग के नियम के मुताबिक है. इससे पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचता है. दूसरी तरफ काला धुआं निकालने वाली चिमनी प्रदूषण बोर्ड के आदेश को धत्ता बता रहा है.

इस जहरीले धुएं से फसलों को नुकसान के साथ-साथ किसी भी व्यक्ति को बीमार करने के लिए काफी है. किशनगंज के विधायक कमरुल हुदा ने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसी भट्ठी पर रोक लगाने की मांग की है.

वहीं, एबीसी ईंट भट्ठा के मैनेजर का कहना है कि उन्हें प्रदूषण विभाग द्वारा नेचुरल जिग जैग भट्ठा का लाइसेंस मिला हुआ है .लेकिन उन्हें पता नहीं है कि नेचुरल जिग जैग भट्ठा क्या होता है. इधर जब भट्ठी में काम कर रहे मजदूर से दोनों चिमनी में अंतर के बारे पूछा गया तो मैनेजर ने उसे कैमरे के सामने बोलने से मना कर दिया.

मामले को लेकर किशनगंज के जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि इस ईंट भट्ठे के खिलाफ प्रदूषण विभाग को लिखित शिकायत की जाएगी. प्रदूषण विभाग के टीम के द्वारा जांच के तहत जो आदेश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा.

Anupama Kumari, News Desk