झारखंड में कांग्रेस के अंतर कलह पर सियासत, दिल्ली में हो रही है बैठक

झारखंड में कांग्रेस के अंदर मचे बवाल को सुलझाने के लिए वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली तलब किया गया है. जहां इस मसले पर बैठक की जा रही है.

झारखंड में कांग्रेस के अंतर कलह पर सियासत, दिल्ली में हो रही है बैठक
झारखंड कांग्रेस में मचे बवाल को लेकर दिल्ली में बैठक की जा रही है. (फाइल फोटो)

रांचीः झारखंड में कांग्रेस के अंदर चल रहा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब इस बवाल का समझौता दिल्ली के दरबार में होगा. कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली तलब किया गया है. कांग्रेस प्रभारी और संगठन मंत्री इस सवाल का हल निकालेंगे, लेकिन कांग्रेस के इस बवाल पर सूबे में सियासत तेज हो गई है. जहां एक तरफ महागठबंधन का चेहरा हेमंत सोरेन को बनाए जाने के बाद कांग्रेस में बवाल का कारण माना जा रहा है, वहीं बीजेपी कांग्रेस के डीएनए पर सवाल उठा रही है.

कांग्रेस में बढ़ते अंतर कलह को लेकर शनिवार को दिल्ली में होने वाली बैठक पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा हाल के दिनों में जो कांग्रेस कार्यालय में लाठी-डंडे चले और आपस में उलझे, यह कांग्रेस की पहली घटना नहीं है. कांग्रेस के डीएनए में ही यह सब बसा है. सत्ता के लोभ में सभी एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस आपस में ही उलझे हुए हैं. विपक्ष में अब कुछ बचा नहीं है.

शिबू सोरेन लोकसभा चुनाव में हार गए इसलिए विपक्ष की भूमिका में कौन मजबूत हो, इसको लेकर मारा मारी चल रही है. हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री का चेहरा माननीय को लेकर कांग्रेस में शुरू हुए बगावत पर सीपी सिंह ने कहा कि यह कौन किसको चेहरा मानता है. इस से मतलब नहीं रखता लेकिन सभी सत्ता के लोभ में एकत्रित हो रहे हैं. सभी अपने अपने स्वार्थ को लेकर एक जगह हो रहे हैं. 

कांग्रेस के बवाल को लेकर दिल्ली में होने वाली बैठक को लेकर जेवीएम महासचिव सरोज सिंह ने कहा इस तरह की घटना सभी दलों में होती है. लेकिन किसी का सामने आ जाता है किसी का छुपा रहता है. और चीजें बैठक के बाद ही हल होती है. दिल्ली की बैठक में सब ठीक कर लेंगे. हेमंत सोरेन को चेहरा मानने को लेकर झगड़ा नहीं है, हमलोग भी चाहते है कि सब मिलकर चुनाव लड़े. कांग्रेस भी चाहती है मिलकर चुनाव लड़े. महागठबंधन बनाने को लेकर कवायद जारी है.

कांग्रेस के कलह पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा प्रत्येक राजनीतिक दल में कलह होती है. लेकिन कांग्रेस में थोड़ा ज्यादा बढ़ गया है. भाजपा में भी कलह है. सरकार के कैबिनेट मंत्री सरयू राय लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे उनके आदिवासी विधायक स्थानीयता के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. हम सभी विपक्षी दल एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे. दिल्ली में जो आज बैठक हो रही है उससे फैसले निकल कर आ जाएंगे हेमंत सोरेन सर्वमान्य नेता हैं. बीजेपी हमेशा से फूट डालो की राजनीति करने कि नियति से काम करता रहा है जो घटनाक्रम हुए हैं उसमें लगता है बीजेपी की  कहीं न कहीं साजिश है.