बिहार: गरीबों तक अनाज पहुंचाने सरकार की नई व्यवस्था, POS मशीन से बांटा जाएगा राशन

बिहार में कुल एक करोड़ 67 लाख कार्ड धारक हैं, जिसके माध्यम से तकरीबन 8 करोड़ 50 लाख लोगों को राशन उपलब्ध होता है. 

बिहार: गरीबों तक अनाज पहुंचाने सरकार की नई व्यवस्था, POS मशीन से बांटा जाएगा राशन
पीडीएस दुकान पर POS मशीन देने की तैयारी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: बिहार की नीतीश सरकार गरीबों को अनाज दिलाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है. अंगूठे के इशारों पर उन्हें राशन और किरासन मिलेगा. न राशन और किरासन कार्ड का झंझट और न ही कोई लेखा-जोखा का तालुकात. बस अंगूठा का निशान मिलाइए और अनाज ले जाइए. परिवार के किसी एक सदस्य के निशान पर उस परिवार के सभी कार्डधारी को अनाज और किरासन मिलेगा. POS मशीन की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया चलेगी. हर जन वितरण की दुकानों पर यह मशीन लगाई जाएगी. पहले चरण में 21 हजार दुकान पर लगाई गई है.

बिहार में कुल एक करोड़ 67 लाख कार्ड धारक हैं, जिसके माध्यम से तकरीबन 8 करोड़ 50 लाख लोगों को राशन उपलब्ध होता है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण सचिव पंकज पाल ने बताया कि अब तक 21 हजार दुकानों पर इस मशीन को लगा दिया गया है. इसके साथ ही कुल 50 हजार दुकानों पर पॉस मशीन बहुत जल्द ही लगा दी जाएगी. 

हालांकि किसी तरह की तकनीकी परेशानी होने पर पुराने तरीके यानी मैनुअल तरीके से अनाज का वितरण किया जाएगा. कर्मचारियों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव पंकज पाल ने बताया कि पूर्व के अनुभवों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. तकनीकी परेशानी के कारण किसी भी उपभोक्ता को अनाज उठाव से वंचित नहीं रखा जाएगा. खाद्य आपूर्ति विभाग राज्य के सभी जन वितरण दुकान पर पॉस मशीन के माध्यम से अनाज वितरण की तैयारी में जुट गया है. इसके लिए दुकानदारों और संबंधित तमाम कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है. खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव ने इसे हाइब्रिड मॉडल नाम दिया है.

आईएएस पंकज पाल ने बताया कि कई जगहों पर पॉस मशीन का इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है. इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर ज्यादा शिकायतें आ रही हैं. जब तक इस तरह की परेशानी को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक ऑफलाइन मोड में अनाज वितरण का कार्य जारी रहेगा. खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस प्रक्रिया को हाइब्रिड मॉडल का नाम दिया है. कई राज्यों में भी इस तरह के मॉडल का प्रयोग किया जा रहा है.राशन कार्ड धारक ही ले सकेंगे.

खाद्य आपूर्ति विभाग सभी प्रखंडों में ब्लॉक कॉर्डिनेटर की नियुक्ति भी कर रहा है. ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पॉस मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी को दूर करने में सहायता करेगा. अगर किसी उपभोक्ता का नाम डाटा एंट्री से छूट गया हो तो उसे ठीक करना या बदलना ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का काम होगा. पंकज पाल ने बताया कि पॉस मशीन के माध्यम से अनाज वितरण में हो रही गड़बड़ी को पूरी तरीके से समाप्त किया जा सकेगा.बता दें कि हाइब्रिड मॉडल के द्वारा सिर्फ राशन कार्ड धारक ही अनाज ले सकेंगे. अन्य किसी के नाम पर अनाज नहीं मिल सकेगा. इसके लिए सभी राशन कार्ड को आधार से लिंक किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बिहार में 50 हजार से अधिक जन वितरण की दुकाने हैं. इन दुकानों पर राशन किरासन वितरण होता है.