प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर जानिए विरोधी JDU नेता प्रशांत किशोर ने क्‍या कहा?

चुनावी रणनीतिकार से जदयू नेता बने प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर प्रियंका गांधी को खास अंदाज में बधाई दी है.

प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर जानिए विरोधी JDU नेता प्रशांत किशोर ने क्‍या कहा?
प्रशांत किशोर को पिछले साल सितंबर में जद (यू) में शामिल किया गया था और उसके कुछ ही हफ्ते बाद उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया था.(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: प्रियंका गांधी के औपचारिक रूप से राजनीति में आने की खबर को बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्‍तर प्रदेश का महासचिव नियुक्‍त किया है. इस संदर्भ में राजनीतिक दलों की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है. इस कड़ी में चुनावी रणनीतिकार से जदयू नेता बने प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर प्रियंका गांधी को खास अंदाज में बधाई दी है.

उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ''भारत की राजनीति में सबसे बहुप्रतीक्षित एंट्रीज की बेला आखिरकार आ गई. हालांकि लोग आगाज के टाइमिंग, वास्‍तविक रोल और पोजीशन पर बहस कर सकते हैं लेकिन मेरे हिसाब से असली खबर यह है कि उन्‍होंने आखिरकार इसमें प्रवेश का निश्‍चय कर लिया. प्रियंका गांधी को बधाई और शुभकामनाएं.''

प्रियंका गांधी की कांग्रेस में आधिकारिक एंट्री, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की महासचिव बनाई गईं

उल्‍लेखनीय है कि अतीत में पीएम मोदी और नीतीश कुमार के चुनाव अभियानों से जुड़े रहे प्रशांत किशोर पिछले साल जेडीयू में शामिल हुए. उससे पहले 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और सपा के गठबंधन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. हालांकि ये प्रयोग सफल नहीं रहा और गठबंधन को बीजेपी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा.

प्रियंका गांधी के बहाने यूपी की राजनीति में राहुल का आखिरी दांव

उससे पहले 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में जेडीयू और लालू प्रसाद की पार्टी राजद ने महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में भी प्रशांत किशोर, नीतीश कुमार के चुनाव रणनीतिकार थे. उस चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि बाद में राजद से मतभेद होने के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़कर बीजेपी से एक बार फिर हाथ मिला था और एनडीए का हिस्‍सा बन गए थे.

प्रियंका गांधी वाड्रा की इस नियुक्ति को मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है जिससे उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा होगा जहां कांग्रेस का प्रभाव पिछले कई सालों के दौरान घटता जा रहा है और समाजवादी पार्टी (सपा) एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने गठबंधन करने की घोषणा की है. प्रियंका गांधी वाड्रा (47) हिंदी पट्टी उत्तर प्रदेश में अपने भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मदद करेंगी, जहां लोकसभा की सर्वाधिक 80 सीटें हैं.