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रांची विश्वद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राष्ट्रपति, बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला

राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में सभी 56 गोल्ड मेडलिस्ट सहित कुल तीन हजार उपाधि हासिल करने वाले छात्रों को बेहतर भविष्य की शुभकामना देते हुए कहा कि सभी गोल्ड मेडलिस्ट राज्य के बेस्ट टैलेंट हैं.

 रांची विश्वद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राष्ट्रपति, बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला
राष्ट्रपति के हाथों मैडल और डिग्री हासिल करने वाले छात्र बेहद उत्साहित दिखे.

अभिषेक, रांची: झारखंड के रांची विश्वविधालय में आयोजित 33 वे दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शामिल हुए. उन्होंने छात्रों को गोल्ड मेडल और उपाधि दी. साथ ही बेटों से बेहतर बेटियों के परफॉर्मेंस के लिए बेटियों का हौसला बढ़ाया. साथ ही कहा इन बेटियों से झारखंड और देश का भविष्य झलकता है. 

राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में सभी 56 गोल्ड मेडलिस्ट सहित कुल तीन हजार उपाधि हासिल करने वाले छात्रों को बेहतर भविष्य की शुभकामना देते हुए कहा कि सभी गोल्ड मेडलिस्ट राज्य के बेस्ट टैलेंट हैं. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भी सभी छात्रों को आश्वस्त किया, आज छात्रों के सामने चिंता रोजी रोजगार की है पर झारखंड में रोजगार की कोई कमी नहीं है. हर क्षेत्र में यहां रोजगार है, जरुरत है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की.

 

साथ ही उन्होंने कहा है कि राज्यपाल ने कहा दीक्षांत समारोह में शामिल होकर राष्ट्रपति ने हम सब को गौरवांवित किया है. रांची विश्वविद्यालय में आयोजित 33 वे दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 11 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को गोल्ड मेडल और उपाधि दी. गोल्ड मेडल हासिल करने वाले 56 छात्रों में 9 बेटे और 47 बेटियां शामिल रहीं. बेटे से बेटियों को 5 गुना संख्या बताकर बेटियों का हौसला राष्ट्रपति ने बढ़ाया. साथ ही कहा झारखंड में तेजी से विकास हो रहा है ,यहां के लोग देश के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं.

दीक्षांत समारोह में छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ने बताया देश के गरीब भाई- बहनों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत झारखंड से हुई है. छात्रों के बीच धोनी का जिक्र करते हुए कहा झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं है. धौनी लो प्रोफाइल हैं पर उनमें टैलेंट है. साथ ही ई-सिगरेट का जिक्र करते हुए आधुनिक भारत का व्यसन बताया. साथ ही उन्होंने कहा भारत में इसपर प्रतिबंध लगा तो झारखंड ने सबसे पहले इसपर पहल किया.

रांची विश्वविद्याल में पहली बार राष्ट्रपति की मौजूदगी में हुए दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के हाथों मैडल और डिग्री हासिल करने वाले छात्र बेहद उत्साहित दिखे.