समस्तीपुर: LJP से प्रिंस राज, Congress से डॉ. अशोक राम सहित 9 कैंडिडेट ने भरा पर्चा

नामांकन के दौरान उनके साथ पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan), बीजेपी के जिलाध्यक्ष राम सुमिरन सिंह, जेडीयू की जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी मौजूद रहीं.

समस्तीपुर: LJP से प्रिंस राज, Congress से डॉ. अशोक राम सहित 9 कैंडिडेट ने भरा पर्चा
रामच्रंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज ने भरा पर्चा. (तस्वीर- Twitter@ChiragPaswan)

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे रामचंद्र पासवान के असामयिक निधन के बाद हो रहे उपचुनाव को लेकर आज नामांकन के आखिरी दिन कुल नौ प्रत्याशियों ने अपना पर्चा दाखिल किया. नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस से अशोक राम और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) से छात्र लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज (Prince Raj) ने अपना नामांकन दाखिल किया.

नामांकन के दौरान उनके साथ पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan), बीजेपी के जिलाध्यक्ष राम सुमिरन सिंह, जेडीयू की जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी मौजूद रहीं. प्रिंस के नामांकन को लेकर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान, दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपतिनाथ पारस, बिहार सरकार के योजना और विकास मंत्री महेश्वर हजारी भी समस्तीपुर पहुंचे.

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नामांकन के बाद कार्यकर्ताओं ने सांसद चिराग पासवान और प्रत्याशी प्रिंस राज का जोरदार स्वागत किया. नामांकन के बाद मिडिया से बातचीत करते हुए सांसद चिराग पासवान ने कहा कि यह चुनाव उनके चाचा के दुखद निधन के बाद हो रहा है. उनके छोटे भाई इस चुनाव में खड़े हैं. उनकी जीत पर जरा भी संदेह नहीं है. उनकी बड़ी जीत होगी. वहीं, सांसद चिराग पासवान महागठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि अब इन्हें महागठबंधन कहना उचित नहीं है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी के द्वारा अपने प्रत्याशियों की घोषणा की जा रही है. विपक्षी एकता सिर्फ भ्रम मात्र है. यहां एक गठबंधन के अंदर तीन से चार मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. ऐसे लोगों का एक साथ रहना असंभव है. लोजपा प्रत्याशी प्रिन्स राज अपने संबोधन के दौरान भावुक हो गए. उन्होंने कहा की वह अपने पिता के अधूरे सपने को जरूर पूरा करेंगे. 

कांग्रेस उम्मीदवार अशोक राम ने कहा कि क्षेत्र में जायेंगे और स्थानीय समस्या के बारे में लोगों को बताएंगे. समस्तीपुर की आवाज लम्बे समय से लोकसभा में सुनाई नहीं पड़ी है. उनकी अभिलाषा है कि मतदाता उन्हें मौका दे. अगर ऐसा हुआ तो समस्तीपुर की आवाज लोकसभा में गूंजेगी. उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भी तीन लाख दस हजार मतदाताओं ने उन्हें आशीर्वाद दिया था.