बिहार: लूट का सोना बांटने के विवाद में गई कैदी मनीष की जान

 पुलिस महानिरीक्षक (जेल) मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. उन्होंने माना कि जेल की सुरक्षा में चूक के कारण यह घटना हुई है. 

बिहार: लूट का सोना बांटने के विवाद में गई कैदी मनीष की जान
जेल में कैदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हाजीपुर: बिहार में विपक्षी दलों द्वारा राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने के बीच वैशाली में हाजीपुर जेल के अंदर हत्या के मामले ने विपक्ष को एक और बड़ा मुद्दा दे दिया है. जेल के अंदर पिस्तौल आने और जेल अस्पताल में इलाजरत कुख्यात कैदी की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

इस बीच, जेल उपाधीक्षक सहित पांच लोगों को निलंबित कर दिया गया है, परंतु सबसे बड़ा सवाल आज भी बना हुआ है कि पिस्तौल जेल की चारदीवारी के अंदर पहुंची कैसे?

बिहार के मंडल कारा (जेल) हाजीपुर में विचाराधीन कैदी मनीष कुमार सिंह उर्फ मनीष तेलिया की शुक्रवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई. मृत कैदी राजापाकर थाना के तेलीया गांव का रहने वाला था. मनीष तेलिया पर राजापाकर, बिदुपुर थाना समेत राजस्थान, जयपुर, कोलकाता में सोना लूट सहित कई मामले दर्ज हैं.

वैशाली की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने आईएएनएस को बताया, 'इस मामले में अनु सिंह और उसके साथी राजा को गिरफ्तार किया गया है तथा जेल तलाशी के दौरान हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है. हत्या के दोनों आरोपियों ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है.'

जेल के अंदर पिस्तौल पहुंचने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'इस मामले की जांच चल रही है, जांच के बाद ही हम कुछ बता पाएंगे.'

इस बीच, शुक्रवार देर रात हाजीपुर जेल के पांच अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है. पुलिस महानिरीक्षक (जेल) मिथिलेश मिश्रा ने जेल उपाधीक्षक युनूस अली, मुख्य कक्षपाल विजय कुमार, उच्च कक्षपाल राजकिशोर और अमरनाथ तथा कक्षपाल श्रवण कुमार को निलंबित कर दिया है.

मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. उन्होंने माना कि जेल की सुरक्षा में चूक के कारण यह घटना हुई है. उन्होंने कहा, 'जेल में हथियार का आना और गोलीबारी से स्पष्ट है कि बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है. मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी.'

इस बीच सूत्रों का कहना है कि मनीष की हत्या के पीछे सोना बंटवारे का विवाद था. सूत्र बताते हैं कि राजस्थान में लूट के दौरान 27 किलोग्राम सोना हाथ लगा था, जिसे मनीष ने गायब कर दिया था. इसी सोने को लेकर पिछले वर्ष भी अदालत परिसर में मनीष पर हमला किया गया था, लेकिन वह बाल-बाल बच गया था.

जेल सूत्रों का कहना है कि डेढ़ साल पूर्व गिरफ्तार किए गए मनीष को स्पेशल सेल में रखा गया था, परंतु तबीयत खराब होने के बाद उसे जेल वार्ड में शिफ्ट किया गया था, जहां शुक्रवार को उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

सूत्रों का कहना है कि सोना लूटकांड का मास्टरमाइंड अनु सिंह के निर्देश पर उसके साथी राजा ने मनीष को गोली मारी है. पुलिस ने जेल के भीतर सर्च अभियान चला कर हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल बरामद कर ली है. साथ ही अनु सिंह और सहयोगी राजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस बीच, शनिवार को भी हाजीपुर जेल में उच्च अधिकारियों का जमघट लगा हुआ है तथा लोगों से पूछताछ की जा रही है.