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बिहार की जेलों में गूंज रहे छठी मैया के गीत, हिंदू-मुस्लिम कैदी कर रहे छठ

इन जेलों में बंद इंसान मजहबी दीवार तोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी कायम कर रहे हैं. इन जेलों में बंद कई मुस्लिम कैदी भी छठ मना रहे हैं. 

बिहार की जेलों में गूंज रहे छठी मैया के गीत, हिंदू-मुस्लिम कैदी कर रहे छठ
छठ पूजा के दौरान बिहार के जेलों में भी है धूम. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ (Chhath Puja) को लेकर बिहार में जहां गांवों की पगडंडियों से लेकर शहरों के मुहल्लों तक में छठ के कर्णप्रिय गीत गूंज रहे हैं, वहीं बिहार के जेल भी छठ पर्व को लेकर भक्ति में सराबोर है. बिहार की जेलों में बंद कैदी भी छठ पर्व कर रहे हैं और इन जेलों में भी छठ के गीत गूंज रहे हैं. 

इन जेलों में बंद इंसान मजहबी दीवार तोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी कायम कर रहे हैं. इन जेलों में बंद कई मुस्लिम कैदी भी छठ मना रहे हैं. जो खुद व्रत नहीं रख रहे, वे अन्य कैदी छठव्रतियों की मदद कर रहे हैं. जेल प्रशासन भी छठ पर्व करने वालों के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है. 

मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिला स्थित खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार के अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि उनके जेल में इस वर्ष कुल 111 कैदियों ने छठ व्रत रखा है, जिनमें 51 महिलाएं और 60 पुरुष हैं. उन्होंने बताया, इस जेल में एक पुरुष जुम्मन मियां और एक मुस्लिम महिला भी छठ पर्व कर रही हैं. इस जेल के बाकी अन्य करीब 1500 से ज्यादा कैदी उनकी मदद कर रहे हैं. 

कुमार के मुताबिक, जेल के सभी कैदी पूरे जेल परिसर की साफ-सफाई और उसे सजाने में लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि छठ व्रत करने वाले सभी कैदियों के लिए जेल प्रशासन द्वारा फल, फूल और वस्त्र की व्यवस्था की गई है. छठ के गीतों से न केवल बिहार की गलियां और सड़कें गुंजायमान हैं, बल्कि बिहार की जेलों में भी छठ के गीत गूंज रहे हैं. 

बिहार की विभिन्न जेलों में बंद कैदी भी सूर्योपासना का व्रत भक्तिपूर्वक कर रहे हैं. पटना के आदर्श जेल 'बेउर जेल' में 16 महिलाएं और 34 पुरुषों समेत 50 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं. बेउर जेल के अधीक्षक जवाहर लाल प्रभाकर ने बताया कि इन छठव्रती कैदियों के लिए सारी व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा कराई गई हैं. अघ्र्य देने के लिए जेल के अंदर ही अस्थायी जलकुंड की भी व्यवस्था की गई है.

उन्होंने बताया कि बेउर जेल में हर साल कैदी छठ व्रत करते हैं. जेल में बने सरोवर की सफाई कर उसमें पानी भरा गया है. इस सरोवर के चारों ओर बिजली के रंगीन बल्ब लगाए गए हैं, जबकि पास ही टेंट की भी व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से प्रसाद बनाने की सामग्री के साथ वस्त्र भी श्रद्घालुओं को दिए गए हैं.

एक अधिकारी बताते हैं वैसे तो ये 50 कैदी निराहार छठ व्रत कर रहे हैं, लेकिन पूरी जेल के कैदी भक्तिभाव में डूबे हुए हैं. जेल में तीन दिनों से छठ के गीत गाए जा रहे हैं. छठ के मौके पर पूर्वी चंपाारण जिला के मुख्यालय मोतिहारी जेल में भी छठ पर्व पर चहल-पहल देखी जा रही है, पिछले तीन दिनों से यहां छठी मैया के गीत गूंज रहे हैं. 

मोतिहारी जेल के उपाधीक्षक सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि जेल में बंद करीब 13 सौ बंदी में से कुल 80 बंदी छठ पर्व कर रहे हैं. इसमें 35 महिलाएं, 45 पुरुष शामिल हैं. वहीं, जेल में दो मुस्लिम बंदियों ने भी बुधवार के दिन नहाय-खाय के साथ छठ प्रारंभ किया है. 

मुस्लिम महिला बंदी हुस्न तारा खातून और जयबुन निशां पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही है. प्रशासन द्वारा वस्त्र के अलावा फल, आटा, चावल, घी, गुड़ और चीनी आदि सामानों की व्यवस्था की गई है. सभी बंदियो को सामान दिया गया है, ताकि वे पूरी पवित्रता व विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर सकें.

इसके अलावा भी राज्य के कई जेलों में कैदियों द्वारा छठ पर्व करने की सूचना है. 

उल्लेखनीय है कि चार दिनों के इस पर्व की गुरुवार को नहाय-खाय के साथ विधिवत शुरुआत हो गई. शुक्रवार को व्रत करने वाले खीर-रोटी का भोग लगाकर खरना करेंगे तथा शनिवार को अस्ताचलगामी सूर्य व रविवार को उदीयमान भगवान भास्कर को अघ्र्य देने के बाद पारण के साथ महापर्व छठ पर्व संपन्न हो जाएगा.