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विश्व म्यूजियम डे पर पटना में आयोजन, कलाकारों ने बनाई मिट्टी की मूर्तियां

पटना के बेली रोड स्थित बिहार म्यूजियम में मिट्टी से बनाई गई विभिन्न तरह की कलाकृति प्रदर्शनी के लिए रखी गई है.

विश्व म्यूजिम डे पर कलाकारों ने मिट्टी की मूर्तियां बनाई.
विश्व म्यूजिम डे पर कलाकारों ने मिट्टी की मूर्तियां बनाई.

पटनाः आज अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस यानि विश्व म्यूजियम डे है. इस मौके पर पटना के बेली रोड स्थित बिहार म्यूजियम में मिट्टी से बनाई गई विभिन्न तरह की कलाकृति प्रदर्शनी के लिए रखी गई है. इस बार की थीम है म्यूजियम एज द कल्चरल हब-फ्यूचर ऑफ ट्रेडिशन है. बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं.

कहते हैं एक ही मिट्टी से भगवान की भी मूर्ति बनती है तो उसी मिट्टी से घड़ा तो उसी मिट्टी से कलाकार अपनी दूसरी सुंदर रचनाओं को दुनिया के सामने रखता है. वर्ल्ड म्यूजियम डे का आयोजन ही कलाकारों को ऐसी खूबसूरत रचनाओं को दुनिया के सामने रखने का मौका देता है. 

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पटना के बिहार म्यूजियम में पटना कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, निफ्ट, उपेंद्र महारथी और बीआइटी कॉलेज के छात्रों ने अपने मन की कल्पना को मिट्टी की मूर्तियों के जरिए सामने रखा. किसी ने भगवान गणेश की मूर्ति बनाई तो किसी ने कछुए की किसी ने समुंद्र मंथन की तो किसी ने हाथी की मूर्ति बनाई. किसी ने मां की ममता को मिट्टी के जरिए लोगों के सामने रखी.

दरअसल, मिट्टी से दो तरह की कलाकृति बनाई जाती है टेरा कोटा और पेपर मेशी, टेरा कोटा से बनी मूर्तियों को काली मिट्टी से बनाकर फिर आग में तपाकर तैयार किया जाता है, जबकि पेपर मेशी से बनी मूर्तियां मूलतानी मिट्टी बबूल के गोंद से तैयार किया जाता है और फिर इसमें पेपर कटिंग की जाती है. आई कॉम यानि इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम्स हर साल 18 मई को विश्व संग्रहालय दिवस मनाता है. पटना में भी आईकाम इस आयोजन का हिस्सेदार है. कार्यक्रम में शामिल छात्र और छात्राओं ने भी माना कि ये ऐसे आयोजन से उनकी अंदर की प्रतिभा बाहर आती है.

कलाकार की ताकत ही होती है वो पेंटिग्स और मूर्तियों के माध्यम से अपनी बात कह देते हैं और अगर इसे देखना हों तो हर किसी को बिहार म्यूजियम का दीदार करना ही चाहिए. सिर्फ विश्व संग्रहालय दिवस ही क्यों यहां दूसरे दिन भी कला प्रेमियों का आना-जाना लगा रहता है. आज इस मौके पर बिहार म्यूजियम में ही पटना के 50 से ज्यादा फोटोग्राफर भी जुटें और उन्हें अपनी नजर से तस्वीरें खींची.

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