शिक्षा की ओर बढ़े झारखण्ड के कदम, हर प्रखण्ड में विकसित किए जाएंगे आधुनिक स्कूल

जिले के जिन 6 स्कूलों को विकसित किय़ा जाना है, उन स्कूलों के प्राचार्यों के साथ कुछ दिनों पहले जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बैठक की है. इस बैठक में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्राचार्यों को बताया कि वह किस तरह स्कूलों का विकास करेंगे.

शिक्षा की ओर बढ़े झारखण्ड के कदम, हर प्रखण्ड में विकसित किए जाएंगे आधुनिक स्कूल

रांची : झारखण्ड की रघुवर दास सरकार बच्चों को उचित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. राज्य सरकार की कोशिशों से कोडरमा जिले के सभी 6 प्रखंडों में सरकारी स्कूलों को विकसित किया जा रहा है. सभी प्रखंडो में मॉडल स्कूल के रूप में प्लस टू हाई स्कूल को विकसित किया जाएगा. उन स्कूलों की खास बात यह है कि यहां पर बच्चों को सिर्फ किताबें नहीं बल्कि उनका मानिसक और शारीरिक विकास भी संभव हो सकेगा. माना जा रहा है कि राज्य सरकार द्वारा यह फैसला प्रदेश से बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पलायन कर रहे माता-पिता की स्थिति को देखते हुए लिया है.  

प्राचार्यों के साथ बैठक कर रहा है शिक्षा विभाग
जिले के जिन 6 स्कूलों को विकसित किय़ा जाना है, उन स्कूलों के प्राचार्यों के साथ कुछ दिनों पहले जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बैठक की है. इस बैठक में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्राचार्यों को बताया कि वह किस तरह स्कूलों का विकास करेंगे. इसके साथ ही स्कूल की मूलभूत सुविधाओं में कैसे बदलाव लाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा होगी. सरकार की इस योजना से ना सिर्फ सभी विषयों के अलग-अलग शिक्षक होंगे, बल्कि म्यूजिक, डांस, स्पोर्ट्स के टीचर की भी भर्ती की जाएगी. 

 

स्कूलों को मॉर्डन किए जाने के बारे में डीईओ शिवनारायण साहू का कहना है कि सराकर क्वालिटी एजुकेशन के लिए प्रयास कर रही है. सरकार के इस प्रोजेक्ट के बारे में उनका कहना है कि सरकार के इस प्रोजेक्ट न सिर्फ बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी, बल्कि झारखण्ड से अन्य राज्यों में हो रहे पलायन में भी कमी आएगी. वहीं, इस बारे में सीएच इंटर विद्यालय की प्राचार्य कार्तिक तिवारी का कहना है कि सरकार के इस प्रोजेक्ट से सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बीच का जो गेप है वो कम होगा.

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स्कूली बच्चों के चेहरे पर दिखी खुशी
सरकार के इस फैसले के बाद छात्र भी बेहद खुश हैं. छात्रों को लगता है कि उन्हें प्राइवेट स्कूल में पढ़ नहीं पाने की कसक मॉडल स्कूल दूर कर देगा. एक स्कूली छात्र ने कहा. प्रिंसीपल सर ने घोषित किया की हमारा स्कूल मॉडल स्कूल बन जाएगा. यहां 6th से 12th तक की क्लासेस चलेगी.

मॉडल स्कूल का बेस पूरी तरह से निजी स्कूलों की तरह होगा और रघुवर सरकार का ये कॉन्सेप्ट नामी गिरामी निजी स्कूलों को टक्कर देगा. रघुवर सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़े.ऐसे में मॉडल स्कूल के रूप में सरकारी स्कूलों का विकसित किया जाना रघुवर सरकार की दूरगामी और बेहतर सोच का नतीजा है. 

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