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रांची: रघुवर दास ने किया वृक्षारोपण, कहा- हमारी सरकार विस्थापित होने से पहले बसाती है

रांची में विस्थापितों के लिए कूटे गांव में बने आर एंड आर कॉलनी में वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आर एंड आर की जगह कॉलनी का नामकरण शहीद ठाकुर विश्वनाथ साहदेव के नाम पर किया. 

रांची: रघुवर दास ने किया वृक्षारोपण, कहा- हमारी सरकार विस्थापित होने से पहले बसाती है
मुख्यमंत्री ने आर एंड आर की जगह कॉलनी का नामकरण शहीद ठाकुर विश्वनाथ साहदेव के नाम पर किया.

रांची: राजधानी रांची में विस्थापितों के लिए कूटे गांव में बने आर एंड आर कॉलनी में वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आर एंड आर की जगह कॉलनी का नामकरण शहीद ठाकुर विश्वनाथ साहदेव के नाम पर किया. यहां विस्थापितों के लिए कुल 400 आवास बनाए गए हैं. यहां सीएम ने वृक्षारोपण किया तो साथ ही कहा नए साल में नए उमंग के साथ यहां सरकार गृह प्रवेश कराएगी. इस कॉलनी को राजधानी रांची और झारखण्ड का आदर्श कॉलनी बनाने का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जल जंगल जमीन हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं हमारी अमानत है. साथ ही कहा, हमारी सरकार विस्थापित होने से पहले बसाती है. 

मौका था, धुर्वा के कूटे गांव में विस्थापितों के लिए बनाए जा रहे कॉलनी में वृक्षारोपण का. मुख्यमंत्री ने खुद यहां पेड़ लगाया. तो वन विभाग को इस परिसर को हरा भरा बनाने की जिम्मेदारी दी. वन विभाग इस परिसर में लगभग चार हजार पौधे लगाए. इस कॉलोनी का नया नामकरण भी मुख्यमंत्री ने किया. अब ठाकुर विश्वनाथ साहदेव कॉलनी के नाम से इसे नई पहचान मिलेगी. 58 एकड़ में फैले इस परिसर में विस्थापितों के लिए 400 मकान बनाए गए हैं, जबकि इस परिसर में , स्कूल, कम्युनिटी हॉल के साथ-साथ सभी सुविधाएं रहेगी. व्यवस्थित तरीके से बसाए गए इस कॉलोनी में, मुख्यमंत्री ने जनवरी महीने में गृहप्रवेश कराने का भी आश्वासन देते हुए सभी सम्बंधित विभाग को समय पर सभी काम पूरा करने का निर्देश दिया.

 

 

कूटे में विस्थापितों के लिए बनाए जा रहे कॉलनी में वृहत वृक्षारोपण करने पहुंचे सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, हमारे डबल इंजन कि सरकार में अगर विकास के लिए विस्थापन होगा भी, तो उससे पहले पुनर्वास होगा. सीएम ने विरोधियों खास कर कांग्रेस और जेएमएम पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी सरकार ने झारखंड के लोगों को विस्थापित करने का काम किया. उन्होंने कहा कि झारखण्ड के जो मालिक हैं वो विस्थापित कहला रहे हैं. साथ ही कहा, झारखण्ड अलग होने के बाद बड़े पैमाने पर विस्थापन ने दर्द ही देने का काम किया है.

कूटे में विस्थापितों के लिए बनाए जा रहे कॉलनी में लगभग 400 विस्थापित परिवार को अब आशियाना और सभी सुविधाओं से युक्त एक सुंदर और सुव्यवस्थित कॉलनी मिलने जा रहा है. सरकार के इस पहल से विस्थापित परिवार भी खुश हैं. झारखंड में विस्थापन और पुनर्वास एक बड़ी समस्या है, सूबे के विकास में विस्थापन अब तक बाधक ही रहा है. ऐसे में रघुवर सरकार के विस्थापन से पहले पुनर्वास की नीति सूबे के लोगों में उम्मीद के किरण की तरह लग रहा है. इस मौके पर विधानसभा निर्माण में अपनी जमीन देने वाले ग्रामीणों को भी मुख्यमंत्री ने धन्यवाद दिया तो विरोधियों पर वार भी किया.