बिहार: रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान ने मचाई सियासी हलचल, आरजेडी ने किया खंडन

रघुवंश प्रसाद के महाराष्ट्र का असर बिहार की सियासत पर दिखने के दावे ने एनडीए के बीच खलबली मचा दी है. इधर कांग्रेस ने भी इस दावे पर अपनी मुहर लगाकर जेडीयू पर दवाब बढा दिया है.

बिहार: रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान ने मचाई सियासी हलचल, आरजेडी ने किया खंडन
कांग्रेस को रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान में दम नजर आता है. (फाइल फोटो)

पटना: आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह का एक बयान बिहार के सियासी गलियारे में काफी तेजी से घूम रहा है. रघुवंश प्रसाद के महाराष्ट्र का असर बिहार की सियासत पर दिखने के दावे ने एनडीए के बीच खलबली मचा दी है. इधर कांग्रेस ने भी इस दावे पर अपनी मुहर लगाकर जेडीयू पर दवाब बढा दिया है. ऐसे में सवाल ये उठने लगे हैं कि क्या वाकई बिहार को महाराष्ट्र की सियासी हवा लग जाएगी.

रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि महाराष्ट्र में बदले सियासी समीकरण का असर बिहार में भी दिखेगा. और गैर बीजेपी के तमाम विरोधी दल एकमंच पर आ जाएंगे. रघुवंश प्रसाद सिंह ने अप्रत्यक्ष तौर पर बीजेपी को सबक सिखाने के लिए आरजेडी को जेडीयू का साथ मिलने की ओर इशारा किया है.

हलांकि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने रघुवंश प्रसाद सिंह के दावों का खंडन कर दिया है. जेडीयू को लेकर तेजस्वी ने साफ कह दिया है कि उन्होंने इस मामले पर अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया है. अब मामले पर कोई बयान की जरुरत नहीं.

लेकिन कांग्रेस को रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान में दम नजर आता है. बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड ने दावा किया है कि जिस तरह बीजेपी-जेडीयू के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं, वैसे में बिहार में भी महाराष्ट्र की तस्वीर दिख सकती है. राजेश राठौड की माने तो धारा 370 का मामला हो राम मंदिर का मामला हो या एनआरसी का मामला. 

जेडीयू बीजेपी के बीच जिस तरह की बयानबाजी होती रही है वो बताने के लिए काफी है कि दोनों के बीच संबंध सहज नहीं. इधर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी दावा कि है कि महाराष्ट्र का असर बिहार की सियासत में जरुर दिखेगा.

लेकिन बीजेपी जेडीयू इन दावों को सिरे से खारिज कर रही है. बीजेपी नेता अशोक सिन्हा  कहा है कि रघुवंश प्रसाद सिंह बेकार के दावे कर रहे हैं. पार्टी में अब उनकी हैसियत कुछ नहीं रह गयी है. जहां तक एनडीए की बात है तो 2020 चुनाव में एनडीए 200 सीटों पर अपनी जीत दर्ज करेगी.

वहीं जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान पर हैरानी जतायी है. राजीव रंजन ने कहा है कि आखिर रघुवंश प्रसाद सिंह इतने बडे नेता होते हुए छोटे बयान कैसे दे सकते हैं. 

जेडीयू प्रवक्ता ने कहा है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में विधानसभा की 243 सीटों में से 213 सीटों पर एनडीए गठबंधन ने जीत दर्ज की है. ऐसे में कोई इतने मजबूत गठबंधन को छोडकर क्यों जाएगा. बिहार की जनता भी एनडीए गठबंधन के ही पक्ष में है.

आरजेडी और कांग्रेस महाराष्ट्र के सियासी समीकरण के बिहार में असर की बात जेडीयू के महागठबंधन में आने के संदर्भ में कर रहे हैं. लेकिन दोनों ही दल के नेता ये बात भूल जा रहे हैं कि बिहार में महाराष्ट्र जैसे हालात हुए तो समीकरण कुछ और भी हो सकता है. महाराष्ट्र में बीजेपी ने एनसीपी जैसे घोर विरोधी दल का समर्थन भी हासिल करने की कोशिश की थी. 

वहीं, बीजेपी ने ऐसे नेता को अपनी सरकार का उप मुख्यमंत्री बना दिया था जिसपर 70 हजार करोड के घोटाले के आरोप थे. महाराष्ट्र के सियासी समीकरण की हवा बिहार तक लानेवाले विपक्षी दल के नेता शायद इस समीकरण के पहलू पर अपना ध्यान नहीं दे पा रहे.