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बिहार के लाल का कमाल, 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इंटरनेशनल रिलेशंस' से हुए सम्मानित

राकेश पांडेय समाजसेवी के साथ-साथ एक बिजनेसमैन भी हैं. बीते दिनों बिहार के ही मसौढी के शहीद जवान संजय सिन्हा के परिजनों की उन्होंने आर्थिक मदद की थी.

बिहार के लाल का कमाल, 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इंटरनेशनल रिलेशंस' से हुए सम्मानित
मोतिहारी के राकेश पांडेय डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इंटरनेशनल रिलेशंस की उपाधि से सम्मानित.

मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी (Motihari) के एक साधारण परिवार में पले-बढ़े राकेश पांडेय ने देश-दुनिया में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है. ब्रावो फार्मा के चेयरमैन राकेश पांडेय (Rakesh Pandey) को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इंटरनेशनल रिलेशंस की उपाधि से सम्मानित किया गया है. सिक्किम के पूर्व राज्यपाल डॉ. बीपी सिंह ने उन्हें सम्मानित किया. समाजसेवा के क्षेत्र में वह लगातार प्रसारत रहे हैं. चाहे शहीदों के परिजनों की मदद करना हो या फिर दिव्यांगों की, वह लगातार तत्पर रहते हैं.

मोतिहारी के निवासी और ब्रावो फार्मा के चेयरमैन राकेश पांडेय लंदन में रहकर लगातार सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे पर सक्रिए रहते हैं. भारतीय पर्यावास केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें सम्मानित किया गया.

राकेश पांडेय समाजसेवी के साथ-साथ एक बिजनेसमैन भी हैं. बीते दिनों बिहार के ही मसौढी के शहीद जवान संजय सिन्हा के परिजनों की उन्होंने आर्थिक मदद की थी. इतना ही नहीं, कई देशों में वह कैंसर से पीड़ित बच्चों की इलाज के लिए भी मदद कर चुके हैं. हाल ही में उन्हेंने दिव्यांग बच्चों को कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराया था.

राकेश पांडेय ने 2004 में ईपीसी के क्षेत्र में कारोबार की शुरुआत की थी. 2009 में उन्होंने हेल्थकेयर के क्षेत्र में कदम रखा. इनकी कंपनी किफायती दवाएं बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.

ब्रावो फार्मा के चेयरमैन राकेश पांडेय ने बताया कि महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के अवसर पर चंपारण में वह 5000 दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ, पैर और कैलिपर देने की उनकी योजना है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चंपारण में एक भी दिव्यांग इससे वंचित नहीं रहेगा. आगे भी इस प्रकार के शिविर का आयोजन होता रहेगा.