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राजकीय सम्मान के साथ होगा रामचंद्र पासवान का अंतिम संस्कार, पटना लाया गया पार्थिव शरीर

रामचंद्र पासवान को 10 जुलाई को हार्ट अट्रैक का दौरा पड़ा था. जिसके बाद लगातार उनका इलाज चल रहा था. उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में भर्ती किया गया था. लेकिन उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी. वहीं, रविवार दोपहर को उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली.

राजकीय सम्मान के साथ होगा रामचंद्र पासवान का अंतिम संस्कार, पटना लाया गया पार्थिव शरीर
सीएम नीतीश कुमार ने रामचंद्र पासवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की घोषणा की है. (फाइल फोटो)

पटना: केंद्रीय रामविलास पासवान के छोटे भाई व समस्तीपुर के सांसद रामचंद्र पासवान का रविवार को निधन हो गया. आज उनका अंतिम संस्कार पटना के दीघा घाट पर किया जाएगा. सीएम नीतीश कुमार ने रामचंद्र पासवान  का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की घोषणा की है. 

आज सुबह 11 बजे से 3 बजे तक पटना में लोक जनशक्ति पार्टी कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और शाम 4 बजे दाह संस्कार पटना में होगा. आपको बता दें कि रामचंद्र पासवान को 10 जुलाई को हार्ट अट्रैक का दौरा पड़ा था. जिसके बाद लगातार उनका इलाज चल रहा था. उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में भर्ती किया गया था. लेकिन उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी. वहीं, रविवार दोपहर को उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली.

जेडीयू से लड़ा पहली बार चुनाव
रामचंद्र पासवान ने 1999 में पहली बार जेडीयू की टिकट पर रोसड़ा से सासंद बने. वहीं, दूसरी बार 2004 में रामचंद्र पासवान एलजेपी से रोसड़ा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. 

समस्तीपुर से बने सासंद
2014 में रामचंद्र पासवान समस्तीपुर से एलजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत भी दर्ज की. 2019 में भी वो लगातार दूसरी बार समस्तीपुर से सांसद बने. बीते 12 जुलाई को अचानक उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी और आरएमएल में भर्ती कराया गया.

समस्तीपुर से ही राजनीति करने की थी इच्छा
रामचंद्र पासवान ने 2019 लोकसभा चुनाव के समय कहा था कि वो अपने अंतिम सांस तक समस्तीपुर से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा था कि मुझे राजनीति कि शिक्षा समस्तीपुर से मिली है और इसी की बदौलत मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं. हम यहीं के लिए जिएंगे और यहीं के लिए मरेंगे.