रांची: 49 दिन में रांची से सिंगापुर पहुंचा युवक, साइकिल से सफर के दौरान जंगल में गुजारी रात

अकरम ने कहा कि तय समय पर जगह पहुंचने के लिए उन्होंने एक दिन में 15-20 घंटे साइकलिंग की और 170 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय की.

रांची: 49 दिन में रांची से सिंगापुर पहुंचा युवक, साइकिल से सफर के दौरान जंगल में गुजारी रात
रांची से सिंगापुर साइकिल से पहुंचा युवक

रांची: झारखंड के रांची से एक युवक ने साइकिल से सिंगापुर तक की यात्रा 49 दिन में पूरी की है. 6000 किलोमीटर की ये दूरी और 6 देशों का दौरा करके लौटे अकरम अंसारी का रांची में जोरदार स्वागत हुआ.

अकरम भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, मलयेशिया और सिंगापुर गए. साइकलोथॉन 3.0 का उद्देश्य शिक्षा, महिला सुरक्षा और ट्रांसजेंडर (Transgender) को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लोगों को जागरूक करना था.

अकरम अंसारी ने 2016 में एनआईटी राउरकेला से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है. समाज के प्रति कुछ कर गुजरने की सोच ने अकरम को पहले 100 किलोमीटर की यात्रा करने का हौसला दिया, जिसे उन्होंने 2016 में पूरी की थी.

ब्लेस -एन-ब्लीस के संस्थापक और अध्यक्ष अकरम अंसारी जब स्वदेश लौटे, तो बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़े बजाकर उनका जोरदार स्वागत किया गया. उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने एक्सएलआरई जमशेदपुर, आईआईटी खड़गपुर, सैक्रेड कॉन्वेंट स्कूल, एआईयूबी यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश एंड एनयूएस बिजनेस स्कूल सिंगापुर जैसे कई संस्थानों के सेमिनार में शामिल हुए.

अकरम ने कहा कि तय समय पर जगह पहुंचने के लिए उन्होंने एक दिन में 15-20 घंटे साइकलिंग की और 170 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय की. म्यांमार में उन्हें 130 किमी की दूरी तय करनी थी, पर कच्ची सड़क पर साइकलिंग करना बेहद मुश्किल था इसलिए उन्हें कई बार उन्हें साइकिल कंधे पर लेकर आगे बढ़ना पड़ा.

सड़कों के अलावा अकरम के लिए विदेश में रात गुजारने के लिए ठिकाना भी एक बड़ी समस्या थी. आराम करने के लिए अकरम ने मंदिर, मस्जिद के साथ-साथ बौद्ध मंदिर में रातें गुजारीं.

इसके अलावा कई ऐसे मौके आए, जब उन्हें जंगल में रात बितानी पड़ी. सिंगापुर में अपनी यात्रा पूरी कर वापस रांची लौटे अकरम अंसारी ने आईजी प्रिया दूबे से मुलाकात की. आईजी ने अकरम की कोशिशों की सराहना की. 

Rinki Punj,News Desk