Tokyo Olympics 2021: महिला हॉकी टीम के पास बेहतर प्रदर्शन करने का मौका, झारखंड की निगाह अपनी 'बेटियों' पर

खेलों के महाकुंभ 'ओलंपिक' (Tokyo Olympics 2021)  की शुरुआत हो गई है. इस बार ओलंपिक में झारखंड की दो बेटियों ने हॉकी टीम में जगह बनाई है.

Tokyo Olympics 2021: महिला हॉकी टीम के पास बेहतर प्रदर्शन करने का मौका, झारखंड की निगाह अपनी 'बेटियों' पर
महिला हॉकी टीम के पास बेहतर प्रदर्शन करने का मौका (फाइल फोटो)

Ranchi: खेलों के महाकुंभ 'ओलंपिक' (Tokyo Olympics 2021)  की शुरुआत हो गई है. इस बार ओलंपिक में झारखंड की दो बेटियों ने हॉकी टीम में जगह बनाई है. इसमें राज्य की निक्की प्रधान और सलीमा टीटी ने महिला हॉकी टीम में जगह बनाई हैं. उनसे पहले जयपाल सिंह मुंडा (1928), माइकल किडो (1972), सिल्वनस डुंगडुंग (1980), अजित लकड़ा (1992) और मनोहर टोपनो (1984) जैसे महान खिलाड़ी भी टीम इंडिया में जगह बना चुके हैं.  ऐसे में ये दोनों ही खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचना चाहेंगी. वहीं, भारतीय महिला हॉकी टीम की नजरें अब टोक्यो ओलंपिक में अपना प्रभाव छोड़ने पर होंगी.

भारत उन छह देशों में से एक था जिसने 1980 मॉस्को ओलंपिक में पहली बार आयोजित हुए महिला हॉकी के इवेंट में हिस्सा लिया था. भारत जिम्बाब्वे, चेकस्लोवाकिया और सोवियत संघ के बाद चौथे स्थान पर रहा था. इसके बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2016 रियो ओलंपिक से 36 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद ओलंपिक में क्वालीफाई किया था.भारतीय महिला हॉकी टीम का हालांकि प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और वह 12वें स्थान पर रही थी.

पुरुष टीम की तरह ही महिला हॉकी टीम ने भी काफी सुधार किया है और लगातार दूसरी बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही है. महिला टीम का लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने का है.

(इनपुट-आईएएनएस)

 

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