ट्रेनी पुलिस पर DGP के बयान पर BJP ने कहा- 'इसका इलाज वही कर सकते हैं, ये कहने की बात नहीं'

आरजेडी एमएलसी सुबोध राय ने डीजीपी के बयान पर कहा कि जब स्वयं बिहार के डीजीपी ऐसे बयान दे रहे हैं जो सुशासन की पोल खुल रही है.

ट्रेनी पुलिस पर DGP के बयान पर BJP ने कहा- 'इसका इलाज वही कर सकते हैं, ये कहने की बात नहीं'
आरजेडी ने कहा है कि जब स्वयं बिहार के डीजीपी ऐसे बयान दे रहे हैं जो सुशासन की पोल खुल रही है.

पटना: बीजेपी के एमएलसी नवल यादव ने डीजीपी के ट्रेनी पुलिस पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है. नवल यादव ने कहा है कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जो ट्रेनी पुलिस के एटिट्यूड पर सवाल खड़ा कर रहे हैं उसका इलाज वही कर सकते हैं. यह किस से कह रहे हैं, इसे कहने की जरूरत नहीं है. ये कहने नहीं बल्कि करने की जरूरत है. डीजीपी पुलिस के सबसे बड़े महकमे के मालिक हैं और वह ऐसे बयान दे तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

वहीं, आरजेडी एमएलसी सुबोध राय ने डीजीपी के बयान पर कहा कि जब स्वयं बिहार के डीजीपी ऐसे बयान दे रहे हैं जो सुशासन की पोल खुल रही है. वो अपने ही महकमे को आईना दिखा रहे हैं. बिहार में जो शासन-सत्ता चल रहा है उसमे पुलिस किस हालात में है दिखाई दे रहा है.

 

उन्होंने कहा कि मेरे अंगरक्षक का भी यही हाल है. उसे हमारे पास भेजा गया था लेकिन उसने कई समस्याओं को बताया और खुद को थाने में रहने के लिए उपयुक्त बताया. आज मेरे पास अंगरक्षक नहीं है और वह वापस चला गया बिहार में घूस की सरकार चल रही है.

सुबोध राय ने कहा कि पैसा देने पर डिग्री और ट्रेनिंग दोनों मिल जाता है. बिहार पुलिस के जवान 100 और 200 रुपए घूस लेते हैं. आपको बता दें कि बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सोमवार को कहा है कि प्रशिक्षण के लिए पटना आनेवाले पुलिसकर्मी दिल से सीखने नहीं आते. पटना घूमने या रिश्तेदारों से मिलने चले आते हैं. जबकि ट्रेनिंग का मकसद खुद को डेवेलप करना होता है.

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है पुलिस में एटीट्यूड के प्रशिक्षण की भी जरूरत है. कुछ लोगों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है तो वो जम्हाई लेते हैं. प्रशिक्षक बोलते रहते हैं उन्हें कोई फर्क नही पड़ता. लेकिन इस सोच को बदलने की जरूरत है.