नवादा: शख्स की ट्रेन की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत, रेल प्रशासन पर बिफरे परिजन

इतना ही नहीं पीड़ित परिजनों का कहना है कि उनके जख्मी पोते को रेल पुलिस ने एम्बुलेंस से नहीं बल्कि स्ट्रेचर से अस्पताल तक पहुंचाया, इसलिए ज्यादा खून बहने की वजह से नीतीश कुमार की मौत हुई है.अगर समय पर नितीश को अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी.

नवादा: शख्स की ट्रेन की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत, रेल प्रशासन पर बिफरे परिजन
गया-झाझा मेमू पैसेंजर की चपेट में आने से युवक की मौत के बाद सनसनी.

गया: बिहार के नवादा में एक शख्स की गया-झाझा मेमू ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. घटना नवादा रेलवे प्लेटफार्म नंबर एक पर हुई है. शख्स दुर्घटना का शिकार तब हुआ जब वह दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर जा रहा था. युवक की पहचान तरमा फतेहपुर के नितीश कुमार के रूप में हुई है. 

दरअसल, मृतक शख्स अपने दादा-दादी के साथ बोधगया इलाज कराने के लिए जा रहा था, लेकिन ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो गया.

वहीं मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि घटना के आधे घंटे तक रेल प्रबंधन की तरफ से कोई सुध तक लेने नहीं आया. पीड़ित परिजनों का कहना है कि अगर रेल प्रशासन तत्परता दिखाता तो उनके पोते की जान बच सकती थी. 

इतना ही नहीं पीड़ित परिजनों का कहना है कि उनके जख्मी पोते को रेल पुलिस ने एम्बुलेंस से नहीं बल्कि स्ट्रेचर से अस्पताल तक पहुंचाया, इसलिए ज्यादा खून बहने की वजह से नीतीश कुमार की मौत हुई है.अगर समय पर नितीश को अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी.

वहीं दूसरी तरफ रेल थानाध्यक्ष का कहना है कि घटना के तुरंत बाद मृतक को सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बावजूद इसके नितीश कुमार की मौत हो गई. थानाध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों के उस बयान का भी खंडन किया और कहा कि मृतक को ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया था. 

साथ ही थानाध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि उनके पास समुचित संसाधन नहीं होने के बावजूद भी मृतक को अस्पताल जल्द से जल्द पहुंचाया गया था. हालांकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
Preeti Negi, News Desk