विदेश से पोते की शव के इंतजार में दादा की मौत, परिजनों ने सरकार से लगाई ये गुहार

परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है जहां घर में लोगों ने इस वियोग से खाना भी नहीं खाया है. ऐसे में परिवार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सुरेंद्र का शव को भारत और उसके बोकारो के गोमिया स्थित गांव में लाया जाए ताकि परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार कर सकें.

विदेश से पोते की शव के इंतजार में दादा की मौत, परिजनों ने सरकार से लगाई ये गुहार
विदेश से पोते के शव का इंतजार करते-करते गुजर गए दादा, परिजनों ने लगाई सरकार से वापसी की गुहार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

धनबाद: बोकारो के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के बड़की सिधाबारा गांव के सुरेंद्र महतो के परिवार को उसके शव का आज भी इंतजार है. साउथ अफ्रीका के मरूतानियां में कुछ दिनों पहले मजदूरी के काम के दौरान सुरेंद्र की मौत हो गई थी. पोते के मौत के गम मे दो दिन पहले दादा भी चल बसे. 

परिवार एक साथ दो मौतों के मातम में डुबा हुआ है, लेकिन न तो कोई अधिकारी उनकी सूध लेने पहुंचे हैं और न ही कोई जनप्रतिनिधि इस पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे हैं. आलम यह है कि मृत सुरेंद्र घर में एक मात्र एकलौता कमाऊ व्यक्ति था. उसके छोटे छोटे बच्चे हैं. 

परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है जहां घर में लोगों ने इस वियोग से खाना भी नहीं खाया है. ऐसे में परिवार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सुरेंद्र का शव को भारत और उसके बोकारो के गोमिया स्थित गांव में लाया जाए ताकि परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार कर सकें.

बता दें कि बोकारो से रोजी-रोटी कमाने विदेश जाने वाले युवकों की मौत होने का सिलसिला जारी है. बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के बडकी सीधाबारा के रहनेवाले सुरेंद्र महतो की मौत अफ्रीका के मरूतानियां में कार्य के दौरान कुछ दिन पहले डीजी जेनरेटर के करंट लगने से हो चुकी है. 

झारखंड के चरतरोचट्टी थाना क्षेत्र के बडकी सीधाबारा निवासी कुंजो महतो के पुत्र सुरेंद्र महतो अफ्रीका के मरूतानियां में मौत के बाद अब उसके दादा ने भी दो दिन पहले अपने पोते के वियोग मे अपना देह त्याग दिया है. सुरेंद्र और अब उसके दादा की मौत से उसके परिजनों का रो-रो करके बुरा हाल है. 

जानकारी के अनुसार सुरेंद्र महतो मरूतानियां में कल्पतरू ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत था. परिजन सरकार से आस लगाए हुए हैं ताकि सुरेंद्र का शव उसके अपने देश और गांव लौट सके.