झारखंड: BSL के रिटायर्ड कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, प्रबंधन पर लगाया बड़ा आरोप

इस आंदोलन के दौरान प्लांट के नगर सेवा भवन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. आंदोलन की सबसे खास बात यह थी कि ये किसी राजनीतिक दल के नहीं बल्कि बुजुर्ग लोगों के द्वारा किया गया.

झारखंड: BSL के रिटायर्ड कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, प्रबंधन पर लगाया बड़ा आरोप
बीएसएल के पूर्व कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.

बोकारो: झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारीयों ने फोर्स बनाकर आंदोलन किया. अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी, वो पीछे नहीं हटेंगे.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट (BSL) मे काम करते-करते हमने अपनी जिंदगी को न्योछावर कर दिया, लेकिन आज हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. इस आंदोलन के दौरान प्लांट के नगर सेवा भवन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. आंदोलन की सबसे खास बात यह थी कि ये किसी राजनीतिक दल के नहीं बल्कि बुजुर्ग लोगों के द्वारा किया गया.

वहीं, प्रदर्शन कर रहे पूर्व कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र बीएसएल के मैनेजमेंट को सौंपा. इसमें लाइसेंस पर सभी प्रकार के आवास देने की बात कही गई है. साथ ही लाइसेंस में प्रति माह 1300 की जगह 1000 रुपए में देने की मांग की गई. वहीं, सिक्यूरिटी डिपाजिट पर बैंक दर से ब्याज देने की मांग के साथ पुन लीज शुरू करने को कहा गया है.

बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारियों ने कहा कि पानी टंकी की मरम्मत के साथ-साथ लाईसेंस सहित सभी आवासों की बाहरी मरम्मत भी की जाए, क्योंकि जिस तरह से आवास जर्जर अवस्था में है, उसमें कभी भी बड़ी दूर्घटना हो सकती है.

उन्होने कहा कि सड़कों और स्ट्रीट लाइट की हालत काफी खराब है. उसकी मरम्मत प्रार्थमिकता के आधार पर किया जाए. रिटायर्ड कर्मचारियों ने कहा कि विभिन्न सेक्टरों मे जो कल्याण मंडप था, आज उसकी स्थिति काफी खराब है, एैसे में सभी का मरम्मत की जाए.

इसके साथ ही सभी सेक्टरों में खाली जगहों में सीएसआर फंड से कम खर्च में शादी समारोह के लिए कम से कम 2 या 3 अस्थाई शेड का निर्माण किया जाए. इसको कम किराए पर कर्मचारियों और रिटायर्ड लोगों को दिया जाए.

वहीं, पानी और बिजली की चोरी पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाने की बात भी पत्र में की गई है. इसके साथ ही बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारियों कि मानें तो बीएसएल प्रबंधन लगातार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है क्योंकि पहले उच्च क्वालिटी कि दवा और तुरंत मिलती थी. साथ ही डॉक्टर तुरंत देखता था, लेकिन आज स्थिति है कि हार्ट और किडनी के मरीजों को तीन महिने का इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर नंबर मिलता है. एैसे में वो इलाज क्या कराएंगे.