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कोर्ट ने कुरान बांटने की शर्त पर दी जमानत, फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी ऋचा भारती

रांची से 20 किलोमीटर दूर पिठोरिया की ऋचा भारती पर सोशल मीडिया के जरिये धार्मिक उन्माद फैलाने को लेकर मामला दर्ज किया गया था.

कोर्ट ने कुरान बांटने की शर्त पर दी जमानत, फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी ऋचा भारती
ऋचा भारती की सजा के फैसले पर महाधिवक्ता अजित कुमार ने कहा कि कोर्ट का फैसला गलत नहीं है, जो लोग विरोध कर रहे हैं उनलोगों को इस फैसले को समझने की जरूरत है.

रांची: सोशल मीडिया के जरिये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में जेल से रिहा होने के बाद ऋचा भारती को कोर्ट के द्वारा धार्मिक काम करने की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने ऋचा को सजा के तौर पर पांच कुरान की प्रति बांटने को कहा था, जिसमें आज एक कॉपी अंजुमन इस्लामिया को देनी थी. बाकी की 4 प्रतियों को 15 दिनों के भीतर बांटने को कहा था. लेकिन, कोर्ट के इस फैसले से ऋचा ओर उसके परिजन नाराज हैं. ऋचा का कहना है कि मुझे किसी धर्म से बैर नही, लेकिन मैं कुरान नही बांटूंगी.

वहीं परिजनों का कहना है कि हम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन, ये फैसला सही नही है. हम कानूनी राय ले रहे हैं. हम ऊपरी अदालत तक इस मामले को ले जाएंगे. वहीं, इस मामले को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो चुकी है.

दरअसल, राजधानी रांची से 20 किलोमीटर दूर पिठोरिया की ऋचा भारती जोकि बीकॉम की छात्रा है. उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर कई पोस्ट डाले थे, जिसको लेकर धार्मिक उन्माद फैलाने को लेकर पिठोरिया थाने में मामला दर्ज किया गया था. 12 जुलाई की शाम 5 बजे पुलिस ऋचा को उसके घर से हिरासत में लेकर थाने लाई और रात 9 बजे तक जेल भेज दिया. ऋचा कल यानी 15 जुलाई को कोर्ट से जमानत पर रिहा हुई है. रविवार को इसको लेकर कई हिंदू संगठनों ने विरोध मार्च भी निकाला था.

 

ऋचा भारती ने जी मीडिया से खासबातचीत में कहा कि मुसलमानों से बैर नही है, हम अल्लाह , राम दोनों को मानते हैं. किसी धर्म के लोगों को ठेस पहुंचाने के मकसद से पोस्ट नही कर रहे थे. लेकिन कोर्ट ने जमानत के दौरान जो पांच कुरान बांटने को कहा है, वो मैं नही बांटूंगी. आज कुरान बांटने को कहा जा रहा है, कल कुछ और करने को कहा  जाएगा. उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म के लोग गंदी तस्वीरों के साथ दूसरे धर्म के बारे में पोस्ट कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर उन पर तो कोई कार्यवाही नही की जा रही है. उनसे ऐसे काम तो नहीं करवाए गए.

ऋचा भारती की सजा के फैसले पर महाधिवक्ता अजित कुमार ने कहा कि कोर्ट का फैसला गलत नहीं है, जो लोग विरोध कर रहे हैं उनलोगों को इस फैसले को समझने की जरूरत है. आपसी सौहार्द को बनाये रखना हम सभी का दायित्व है और इसलिए यह फैसला सही है. हमारा देश और कानून आपसी सौहार्द को बनाये रखने की बात करता है और कोई इससे अलग नही रह सकता.

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कोर्ट का फैसला स्तब्ध करने वाला है. इस तरह का फैसला न हमने कभी देखा और न कभी सुना. जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और कोर्ट ने जरूर कुछ सोच कर ही इस तरह के फैसला सुनाया है. हमें लगता है कि इससे आपसी सौहार्द ओर बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रवक्ता ने कोर्ट के फैसले पर सवाल खड़ा किया है ,उनपर अवमानना का मामला दर्ज होना चाहिए.