रिम्स में नर्सों के हड़ताल के विरोध में परिजन भी धरने पर बैठे, 13 मरीजों की मौत

रांची: रिम्म में नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद अस्पताल की स्थिति ठीक और भी बदतर हो रही है. हड़ताल का परिणाम परिजनों को भुगतना पड़ रहा है. 

रिम्स में नर्सों के हड़ताल के विरोध में परिजन भी धरने पर बैठे, 13 मरीजों की मौत
रिम्स में हड़ताल की वजह से परिजन और मरीज दोनों ही परेशान हैं.

रांची: रांची के रिम्स में नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद अस्पताल की स्थिति और भी खराब हो रही है. नर्सों और जूनियर डॉक्टर्स के हड़ताल पर जाने का परिणाम परिजनों को भुगतना पड़ रहा है. हड़ताल की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई है लेकिन जूनियर डॉक्टर्स और नर्स हड़ताल तोड़ने को तैयार नहीं है. मरीज के परिजन और नर्सों के बीच मारपीट के बाद मामला तूल पकड़ता दिख रहा है.

एक ओर जहां जूनियर नर्सेज एसोसिएशन ने रिम्स के एमरजेंसी और ओपीडी सेवा को बाधित कर दिया है और इलाज करने से इंकार कर दिया है वहीं दूसरी ओर अस्पताल में मरीज के परिजन भी एमेरजेंसी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. जूनियर नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले नर्सों ने मांग की है कि जब तक स्वास्थ्य मंत्री रिम्स आकर नर्सों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं करते हैं तब तक काम ठप रहेगा.

दूसरे दिन भी हड़ताल जारी है और नर्स का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री और सचिव के आने के बाद ही कुछ होगा. अब तक रिम्स प्रबंधक की तरफ से कोई वैक्लपिक व्यवस्था नहीं की गई है. इस वजह से कल इलाज या कोई भी ऑपरेशन नहीं किया गया और  परिणामस्वरूप 13 मरीजों की मौत हो गई.

इस मामले पर परीजनों का कहना है कि हड़ताल की वजह से इलाज नहीं हो रहा है और वो सवाल कर रहे हैं कि आखिर वो जाएं तो जाएं कहां. इलाज नहीं होने से पूरे रिम्स परिसर में अफरातफरी का माहौल है. अधिकतर लोग मरीजों का इलाज कराने के लिए दूसरे अस्पतालों में जा रहे हैं. रिम्स प्रबंधक भी कोई वैक्लिपक व्यवस्था नहीं कर पा रही है और ना ही अभी तक सरकार की ओर से कोई अस्पताल पहुंचा है.