RJD ने फिर लिया यू टर्न तो अपनी राह चल पड़ने का मांझी ने किया इशारा, 11 को अंतिम फैसला

आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन के सभी घटक दल साथ लड़ें तो चुनाव परिणाम झारखंड जैसा होगा, क्योंकि जनता अब तेजस्वी यादव की ओर हो चुकी है.

RJD ने फिर लिया यू टर्न तो अपनी राह चल पड़ने का मांझी ने किया इशारा, 11 को अंतिम फैसला
RJD ने फिर लिया यू टर्न तो अपनी राह चल पड़ने का मांझी ने किया इशारा, 11 को अंतिम फैसला. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में महागठबंधन में कोऑर्डिनेशन कमिटी की मांग को लेकर हम प्रमुख जीतनराम मांझी अन्य घटक दलों खासकर आरजेडी पर लगातार हमलावर रहे हैं. अब उन्होंने एक बार फिर से नया अल्टीमेटम जारी कर दिया है. हम प्रमुख ने 10 जुलाई को अपना अंतिम फैसला लेने का ऐलान कर दिया है.

दरअसल, मांझी के दबाव के बाद महागठबंधन में समन्वय समिति बनाने की पहल हुई भी थी लेकिन कुछ भी फैसला नहीं लिया जा सका और मांझी के अनुसार उसकी समयावधि भी खत्म हो गई है. अब उन्होंने कहा कि हम कोर ग्रुप की बैठक के बाद वे 10 जुलाई को अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे.

इस पर हम प्रवक्ता विजय यादव ने कहा कि कोऑर्डिनेशन कमिटी गठन के लिए दिया गया समय खत्म हो चुका है. 10 तारीख को कोर कमिटी की बैठक होगी. अगर इस बीच कुछ नही हुआ तो 11 तारीख को हम अपना फैसला सार्वजनिक करेंगे.

वही कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि जीतन राम मांझी सुलझे हुए नेता हैं. मांझी जी कभी ऐसा कदम नही उठाएंगे जिससे नीतीश कुमार और बीजेपी को फायदा हो. मांझी को पता है कि उन्होंने नीतीश कुमार और बीजेपी को किस परिस्थिति में छोड़ा था. दोनों सिर्फ झूठ बोलते हैं. 

उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता है कि महागठबंधन ही देश का भला कर सकता है. इस पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मांझी पार्टी के अध्यक्ष हैं वो मीटिंग करें ये उनका आंतरिक मामला है, लेकिन मांझी डूबती नैय्या पर सवारी नहीं करेंगे इसका हमें भरोसा है.

आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन के सभी घटक दल साथ लड़ें तो चुनाव परिणाम झारखंड जैसा होगा, क्योंकि जनता अब तेजस्वी यादव की ओर हो चुकी है.

इस मामले पर बिहार बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि महागठबंधन में जीतन राम मांझी से ज्यादा बेईज्जती किसी की नहीं हुई है. तेजस्वी एक बुजुर्ग नेता व पूर्व मुख्यमंत्री मांझी जी का फोन तक नहीं उठाते हैं. मांझी बेचारे समाधान के फेर में तारीख पर तारीख दिए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उम्मीद करता हूं कि 10 जुलाई की तारीख अंतिम अल्टीमेटम होगी. जीतन राम मांझी बिहार के एक पुराने सम्मानित नेता हैं. मांझी को 10 तारीख को स्पष्ट निर्णय लेकर सम्मान बचाना चाहिए.