मुजफ्फरपुर शेल्टर होम पर सियासत तेज, विपक्ष बोली-असली सफेदपोशों को बचाया जा रहा

सीबीआई ने 2 मामलों को छोड़कर 17 आश्रय गृहों में यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न के मामले की जांच पूरी कर ली है. साथ ही, कोई दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की है.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम पर सियासत तेज, विपक्ष बोली-असली सफेदपोशों को बचाया जा रहा
सीबीआई ने कई जिलाधिकरियों पर विभागीय करवाई की भी अनुसंशा की है. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में बालिका गृह कांड मामले में सीबीआई (CBI) ने कई दोषी अधिकरियों पर कार्रवाई की अनुसंशा की. सीबीआई ने कई जिलाधिकरियों पर विभागीय करवाई की भी अनुसंशा की है. साथ ही, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को मामले की जानकारी भी दी है.

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने 2 मामलों को छोड़कर 17 आश्रय गृहों में यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न के मामले की जांच पूरी कर ली है. सीबीआई ने आश्रय गृह संचालित कर रहे एनजीओ (NGO) और अधिकरियों की मामले में घोर लापरवाही पाई है.

अब इस मामले को लेकर बिहार में सियासत भी तेज है. आरजेडी (RJD) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि, शेल्टर होम मामले में छोटी मछलियों पर कार्रवाई हो रही है. असली दोषी सफेदपोश बचे हुए हैं. हमारे नेता तेजश्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भी सवाल उठाया है. देश जानना चाहता है कि, शेल्टर होम मामले के असली गुनाहगार कौन हैं.

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि, शेल्टर होम मामले में सीबीआई ने छोटी मछलियों को पकड़ा है. बड़ी मछलियों पर सीबीआई ने हाथ नहीं डाला. जिस सरकार के डीएम दोषी हैं, फिर वहां की सरकार को कैसे निर्दोष कहा जा सकता है.

इधर, विपक्ष के हमले पर सत्तापक्ष ने पलटवार किया है. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि, शेल्टर होम मामले को लेकर हो रही कार्रवाई पर विपक्ष को भले ही भरोसा न हो. लेकिन जनता को नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर भरोसा है.

जेडीयू नेता ने कहा कि, सीएम नीतीश कुमार की अनुसंशा पर सीबीआई जांच और कार्रवाई हो रही है. बिना वजह विरोध की आदत ने ही विपक्ष को हासिए पर ला खड़ा किया है. अब विपक्ष अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. वहीं, बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि, विपक्ष हायतौबा मचाने से पहले कुछ फैक्ट भी याद करे.

निखिल आनंद ने कहा कि, बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच सुनिश्चित किया है. सीबीआई जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के हर निर्देश का सरकार पालन करेगी. विपक्ष स्वायत्त संस्था सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करे.