बिहार में रह रहे लोगों को काम नहीं दे पा रही सरकार, प्रवासी श्रमिकों को क्या देगी: RJD

आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि, पिछले 15 सालों में सरकार एक सुई का भी कारखाना नहीं लगा सकी है. सिर्फ प्लान बनाने का काम हो रहा है. सीएम की ओर से सिर्फ घोषणा की जा रही है.

बिहार में रह रहे लोगों को काम नहीं दे पा रही सरकार, प्रवासी श्रमिकों को क्या देगी: RJD
बिहार में रह रहे लोगों को काम नहीं दे पा रही सरकार, प्रवासी श्रमिकों को क्या देगी: RJD. (फाइल फोटो)

पटना: प्रवासी श्रमिकों को लेकर बिहार में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. सरकार के दावों और प्रयासों पर फिर से आरजेडी ने सवाल खड़े किए हैं. आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि, सरकार सिर्फ शिगूफा छोड़ रही है. बिहार में रह रहे कामगारों तक को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में बाहर से आ रहे प्रवासियों को कैसे रोजगार दे पाएगी सरकार.

'15 साल में एक कारखाना भी नहीं लगा'
आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि, पिछले 15 सालों में सरकार एक सुई का भी कारखाना नहीं लगा सकी है. सिर्फ प्लान बनाने का काम हो रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की ओर से सिर्फ घोषणा की जा रही है. रोजगार तब मिलेगा, जब कोई उद्योग होगा, यहां तो उद्योग है ही नहीं. सरकार और उसके मंत्रियों की ओर से सिर्फ बयान दिया का रहा है.
 
सरकार उद्योग शुरू करने में करेगी मदद
इससे पहले, उद्योग मंत्री श्याम रजक ने क्लस्टर बमकर लघु, सूक्ष्म और कुटीर उद्योग लगाने की बात कही थी. उनका कहना था कि, क्लस्टर में 10 से 20 स्किल्ड कामगारों के समूह रहेगा, जिन्हें सरकार की ओर से उद्योग शुरू करने में मदद की जाएगी. काम करने के लिए 20 फीसदी पूंजी कैश दी जाएगी, जबकि 80 फीसदी से सामान और मशीन आदि की खरीदारी की जाएगी. क्लस्टर की ओर से जो उत्पाद बनाया जाएगा, उसकी ऑनलाइन मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उत्पाद का सही दाम मिल सके.

'कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में सरकार के पास काफी स्कोप'
उद्योग मंत्री का कहना था कि, अब तक जो प्रवासी श्रमिक राज्य में आए हैं, उनमें सबसे ज्यादा लोग कंस्ट्रक्शन से जुड़े हुए हैं. इस क्षेत्र में सरकार के पास काफी स्कोप है. लगभग साढ़े पांच लाख लोगों को इसमें रोजगार मिल सकता है. इसके बाद नंबर फ़ूड सेक्टर का आता है. सरकार ने इसके लिए फूल प्रूफ रणनीति तैयार की है, जिसका नतीजा जल्द सामने आएगा.

कांग्रेस ने भी साधा निशाना
सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और दावों पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं. आरजेडी के साथ कांग्रेस भी सवाल उठाती रही है. कांग्रेस नेता और एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा का कहना है कि, सरकार करती कुछ नहीं है, सिर्फ दावे अच्छे करती है. दावों के अलावा इनके पास उपलब्धि के नाम पर कुछ नहीं है. 15 साल से उद्योग लगाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है. अब तक कितने उद्योग आए हैं, जो अब आ जाएंगे.

8 लाख प्रवासी बिहार आ चुके हैं
जानकारी के मुताबिक, बिहार में अब तक ट्रेनों से 8 लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं, जिनके आने का सिलसिला लगातार जारी है. आनेवाले दिनों में लाखों की संख्या में प्रवासी बिहार आएंगे, जिन्हें काम देना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है. इसी को देखते हुए सरकार ने केंद्र सरकार से मनरेगा (MNREGA) के कार्यदिवस की संख्या एक सौ से दो सौ करने की मांग की है. 20 लाख करोड़ के घोषित पैकेज में बिहार का क्या हिस्सा होगा, इसको लेकर उद्योग मंत्री श्याम रजक ने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखा है.