पटना: उपेंद्र कुशवाहा बोले- कुछ नेताओं के बयान का मतलब नहीं, RJD-कांग्रेस कार्यक्रम में होंगे शामिल

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन के घटक दल में कुछ ऐसे नेता होते हैं जो अपने तरीके से बयान देते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि यह बयान आधिकारिक बयान नहीं है.

पटना: उपेंद्र कुशवाहा बोले- कुछ नेताओं के बयान का मतलब नहीं, RJD-कांग्रेस कार्यक्रम में होंगे शामिल
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि महागठबंधन के सभी दल कार्यक्रम में शामिल होंगे. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में बने महागठबंधन (Mahagathbandhan) पर आए दिन एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP)  के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कहा है कि 13 नवंबर के कार्यक्रम में महागठबंधन के सभी घटक दल शामिल होंगे.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कार्यक्रम में हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi), विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी सहित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress)  के नेता भी शामिल होंगे.

आरएलएसपी प्रमुख ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस को लेकर कोई सस्पेंस नहीं है. साथ ही इस कार्यक्रम में सभी शामिल होंगे. कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन के घटक दल में कुछ ऐसे नेता होते हैं जो अपने तरीके से बयान देते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि यह बयान आधिकारिक बयान नहीं है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में महागठबंधन की तरफ से पूरे बिहार में और भी कार्यक्रम किए जाएंगे. साथ ही सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सड़क पर जनता के साथ महागठबंधन उतरेगा.

आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने 13 नवंबर को केंद्र और बिहार सरकार की नीतियों को खिलाफ पूरे राज्य के जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर महागठबंधन में पूरी तरह से सहमति बनते नहीं दिख रही है. सोमवार को पहले आरजेडी ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी और फिर शाम होते- होत एक प्रेस रिलीज जारी कर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हामी भर दी.

वहीं, कांग्रेस ने कहा कि उसने 15 नवंबर तक सभी अपने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है और उसे कुशवाहा के कार्यक्रम के बारे में नहीं पता है. जबकि जीतन राम मांझी बार- बार महागठबंधन को आंख दिखा रहे हैं. मांझी ने कहा था कि महागठबंधन दो से तीन दिन के अंदर समन्वय समिति बनाए वरना वो आगे का फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं.