बिहार में पोस्टर वार के बाद मानव श्रृंखला पर सियासत, अब कुशवाहा की बारी

बिहार में सियासी बवाल खड़ा करने के लिए आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने महागठबंधन के सभी दलों को इस मानव श्रृंखला में साथ आने के लिए पत्र लिखा है. इस बार मानव कतार किसी खास मांग के लिए नहीं बनाई जा रही है लेकिन बस इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है 

बिहार में पोस्टर वार के बाद मानव श्रृंखला पर सियासत, अब कुशवाहा की बारी
24 जनवरी को उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में बनाई जाएगी मानव कतार. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में पोस्टर वार के बाद अब मानव श्रृंखला पर सियासत शुरू हो गई है. सरकार के जल जीवन हरियाली के मानव श्रृंखला के विरोध में अब आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा ने भी शिक्षा सुधार और बेरोजगारी को लेकर विद्यालयों के बाहर मानव कतार यानी मानव श्रृंखला बनाने का फैसला किया है. कुशवाहा की यह श्रृंखला 24 जनवरी को बनाई जाएगी. इससे पहले भी कुशवाहा के नेतृत्व में मानव श्रृंखला बनाई गई है, लेकिन उस वक्त वो एनडीए में थे.

बिहार में सियासी बवाल खड़ा करने के लिए आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने महागठबंधन के सभी दलों को इस मानव श्रृंखला में साथ आने के लिए पत्र लिखा है. इस बार मानव कतार किसी खास मांग के लिए नहीं बनाई जा रही है लेकिन बस इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में इसका फायदा मिल सके. 

इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 19 जनवरी को आयोजित किया गया मानव श्रृंखला बस कहने मात्र के लिए सरकार की ओर से है लेकिन असल में यह बस जेडीयू की ओर से है. उन्होंने कहा कि 19 को रविवार है और उस दिन सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे. छुट्टी अगले किसी दिन की जाएगी, जो कि RTI के नियमों का उल्लंघन है.  

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी चरम पर है और ऊपर से 20 को होने वाली सिपाही बहाली परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है. इसकी तारीख बढ़ाई जाएगी जिसका अब तक निर्धारण भी नहीं हुआ है. दरअसल, बिहार में बेरोजगारी काफी ज्यादा है. 12 जनवरी को छात्रों की भीड़ देखकर सरकार घबरा गई है. सरकार को डर है कि 19 जनवरी को मानव श्रृंखला में इससे कोई अड़चन न आ जाए, इसलिए इस परीक्षा को ही स्थगित कर दिया गया.