मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में आरोप तय करने पर बहस पूरी, 18 मार्च को होगी अगली सुनवाई

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में साकेत कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर सुनवाई पूरी कर ली है.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में आरोप तय करने पर बहस पूरी, 18 मार्च को होगी अगली सुनवाई
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्लीः मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में बुधवार को साकेत कोर्ट में सुनवाई हुई. जहां आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर बहस पूरी की गई. वहीं, आरोपी अश्विनी कुमार के मसले पर सीबीआई ने साकेत कोर्ट में जवाब दिया कि डॉ अश्विनी कुमार के खिलाफ पीड़ित 12 और 15 ने नहीं बल्कि पीड़ित 21 ने बयान दिया है. पिछली सुनवाई में डॉ अश्विनी ने कहा था कि पीड़ित ने मेरे खिलाफ बयान नहीं दिए थे, इसलिए मेरे ऊपर आरोप नहीं बनता.

अब मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी. कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई में बचाव पक्ष के वकील चाहे तो वह इस मसले पर स्पष्टीकरण दे सकते हैं. आपको बता दें कि साकेत कोर्ट इस वक्त आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर बहस हो रही है. इससे पहले कोर्ट ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे. हालांकि आरोप तय करने को लेकर साकेत कोर्ट का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने सात फरवरी को मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट के विशेष पॉक्सो अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने साकेत कोर्ट से 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था. आपको बता दें कि पिछले जुलाई महीने में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी सहायता प्राप्त एक शेल्टर होम में 16 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले ने सूबे सहित पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. पीड़ित बच्चियों ने अपने एक साथी की हत्या कर शव को परिसर में दफनाने का आरोप भी लगाया था. ..

साल 2018 मई में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सोशल ऑडिट के दौरान मामले का खुलासा हुआ था. इसके बाद पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि शेल्‍टर होम से छह लड़कियां गायब हुई हैं. पुलिस पूछताछ में पीड़िताओं ने यह जानकारी दी. बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 से 2018 के बीच ये लड़कियां गायब हुई हैं. इसके बाद राज्य के समाज कल्याण विभाग ने पिछले महीने प्राथमिकी दर्ज की. मामले में दस लोगों की गिरफ्तारी हुई. सोशल ऑडिट में यह सामने आया था कि वर्ष 2013 से 2018 के बीच शेल्टर होम से 6 लड़कियां गायब हुई हैं. हालांकि, इन लड़कियों के गायब होने का कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं है.