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Samastipur Sadar Hospital: समस्तीपुर के सदर अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड का वातानुकूलित मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) का भवन कई महीनों से बनकर तैयार है. अब इसे शुरू करने की कवायद सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी की तरफ से कर दी गयी. इसको लेकर उन्होंने डीएस डॉ. गिरीश के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम का भी गठन किया है. निर्देश दिया है कि कौन सा सामान कहां लगेगा, इसकी लिस्टिंग करें.
सिविल सर्जन ने डीएस को निर्देश दिया है कि 20 जनवरी तक सारे सामान को एमसीएच बिल्डिंग में शिफ्ट कर उसे संचालित करें और हैंडओवर की कागजी प्रक्रिया पूरी करें. इस संबंध में सिविल सर्जन ने बताया कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर 24 जनवरी को मुख्यमंत्री समस्तीपुर आ रहे हैं. उसी दिन सदर अस्पताल में भी उनका कार्यक्रम संभावित है. उस दिन मुख्यमंत्री सदर अस्पताल पहुंच एमसीएच भवन का निरीक्षण कर सकते हैं. वहीं, सिविल सर्जन से निर्देश प्राप्त होते ही डीएस ने बैठक कर एमसीएच को सुचारु रूप से संचालित करने के लिये प्रक्रिया शुरू कर दी है.
दरअसल, अगस्त महीने से ही एमसीएच भवन का बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन चार महीने से वह हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी ना होने के कारण बंद पड़ा था. भवन निर्माण में कुछ खामियां थी जिसे दुरूस्त किया गया है. डीएम और सिविल सर्जन लगातार इसका निरीक्षण भी कर रहे थे. पिछले दिनों गुणवत्ता की जांच के लिये सीएस ने डीएस के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम का भी गठन किया था. गठित टीम की तरफ से एमसीएच भवन में सभी सामग्री, मशीनों और उपकरणों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी थी. रिपोर्ट मिलने के बाद सिविल सर्जन ने एमसीएच भवन में 20 जनवरी तक सामान शिफ्ट कर शुरू करने की प्रक्रिया को ले निर्देश जारी कर दिया है. ताकि अगर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होता है तो उससे पहले यहां हर व्यवस्था हो जाए.
हैंडओवर से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की जांच की गयी है, ताकि एमसीएच भवन के संचालन में किसी प्रकार की कमी न रहे और मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो सकें.
बता दें कि एमसीएच भवन के शुरू होते ही सदर अस्पताल का लेबर रूम, महिला वार्ड और एसएनसीयू को यहां शिफ्ट किया जाएगा. नई बिल्डिंग पूरी तरह वातानुकूलित है, जिससे मरीजों को बेहतर माहौल और इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर एमसीएच भवन का सीएस भी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की कमी न रह जाए. इसके शुरू हो जाने से हजारों लोगों को फायदा होगा. यहां हर रोज सैकड़ों महिला और शिशु रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. यह न सिर्फ इलाज की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि सरकारी अस्पतालों की छवि को भी सुधारेगा. आम लोगों को अब मामूली समस्याओं के लिए निजी अस्पताल की ओर भागना नहीं पड़ेगा. वातानुकूलित वातावरण, बेहतर संसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ यह अस्पताल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला साबित होगा.
एमसीएच बिल्डिंग में 100 बेड का मदर-चाइल्ड केयर वार्ड बनाया गया है. यहां मातृ-शिशु से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इसमें लेबर रूम और महिला वार्ड के लिए बड़ा हॉल बनाया गया है. यहां प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की बेहतर देखभाल की जाएगी. सौ बेड का यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस रहेगा. इसके शुरू होने के साथ ही भवन में स्पेशल चाइल्ड केयर यूनिट के साथ, पीकू वार्ड को भी यहीं शिफ्ट किया जाएगा. आईसीयू की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है. इसी भवन में पैथोलॉजी जांच को भी शिफ्ट करने की तैयारी है. भवन में नए उपस्कर लगाए गए हैं. जिससे मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिलेगी. सेंटर के शुरू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलेगी. निजी क्लीनिक के आर्थिक दोहन से बच सकेंगे. इसमें मां और नवजात के इलाज से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
इस संबंध मे सिविल सर्जन डॉक्टर एसके चौधरी ने कहा कि 24 जनवरी को सदर अस्पताल में मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर एमसीएच भवन में 20 जनवरी तक सामान शिफ्ट कर उसे संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. डीएस के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो निरीक्षण कर यह देखेंगे की कौन सा सामान कहां पर एडजस्ट होगा.
रिपोर्ट: मनटुन कुमार रॉय