झारखंड चुनाव: टिकट नहीं मिलने से बागी हुए सरयू राय, CM रघुवर के खिलाफ किया नामांकन

सरयू राय रविवार तक रघुवर दास मंत्रिमंडल में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री थे. रविवार को सरयू राय ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की. उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से रविवार को इस्तीफा दे दिया.

झारखंड चुनाव: टिकट नहीं मिलने से बागी हुए सरयू राय, CM रघुवर के खिलाफ किया नामांकन
सरयू राय ने रघुवर दास के खिलाफ पर्चा भरा है.

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बागी नेता सरयू राय ने सोमवार को जमशेदपुर पूर्व से एक-दूसरे के खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल किया. रघुवर दास ने पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और बाद में अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए पूर्व सिंहभूम जिला प्रशासन कार्यालय पहुंचे. रघुबर दास बैठक स्थल से ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय चले गए.

सरयू राय रविवार तक रघुवर दास मंत्रिमंडल में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री थे. रविवार को सरयू राय ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की. उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से रविवार को इस्तीफा दे दिया.

बीजेपी के बागी नेता सरयू राय सोमवार को अपने कुछ समर्थकों के साथ अपना नामांकन दाखिल करने जिला प्रशासन कार्यालय पहुंचे. राय ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले कहा, 'यह भय व भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है.'

राय के अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ने का फैसला करने के बाद जमशेदपुर पूर्व सीट (Jamshedpur East Seat) आकर्षण का केंद्र बन गई है. वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है.

सरयू राय ने शनिवार को पार्टी द्वारा उनका टिकट रोके जाने को लेकर नाखुशी जताई. राय ने शनिवार शाम जमशेदपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मैं खाली कटोरा लिए टिकट मांग रहा हूं.'

बीजेपी ने शनिवार को पार्टी उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की. इसमें सरयू राय का नाम नहीं था. इसके बाद से ही सरयू राय नाराज चल रहे थे. बता दें कि सरयू राय जमशेदपुर पश्चिम सीट से विधायक हैं और वह अपनी सरकार का कई मुद्दों पर आलोचना करते रहे हैं. सीएम रघुवर के साथ उनके संबंध बीते पांच सालों में अच्छे नहीं रहे हैं.