बीजेपी की तर्ज पर बागी हुए सरयू राय ने बनाई नई पार्टी, आज किया कार्यालय का शुभारंभ

बीजेएम का होर्डिंग-बैनर-पोस्टर कही न कहीं बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं के अतीत को दर्शा रहा था. वहीं कार्यालय कक्ष की दीवार पर बीजेपी के पुरोधा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की लगी तस्वीर पर सवाल पूछे जाने पर सरयू राय ने कहा कि क्या इन दोनों महानुभावों को बीजेपी ने पेटेंट करा रखा है क्या?

बीजेपी की तर्ज पर बागी हुए सरयू राय ने बनाई नई पार्टी, आज किया कार्यालय का शुभारंभ
बीजेपी से बागी हुए विधायक सरयू राय ने बीजेपी के तर्ज पर बनाई भारतीय जन मोर्चा पार्टी, जमशेदपुर में कार्यालय का किया शुभारंभ.

जमशेदपुर: कभी झारखंड में बीजेपी के रणनीतिकार रहे पूर्व मंत्री सह जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के विधायक सरयू राय का संगठन भारतीय जन मोर्चा अब स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है. पार्टी के लिए जमशेदपुर महानगर इकाई का कार्यालय आज से विधिवत खोल दिया गया है. 

विधायक सरयू राय ने पार्टी कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया. पार्टी के विधानसभावार संयोजकों और पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सियासत में साफ संकेत दे दिया है कि शुरुआत में संगठन का विस्तार जमशेदपुर महानगर अंतर्गत चार विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा. समय के साथ संगठन को बल मिलने पर कोल्हान में भी बीजेएम (भारतीय जन मोर्चा) का विस्तार होगा.

बीजेएम का होर्डिंग-बैनर-पोस्टर कही न कहीं बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं के अतीत को दर्शा रहा था. वहीं कार्यालय कक्ष की दीवार पर बीजेपी के पुरोधा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की लगी तस्वीर पर सवाल पूछे जाने पर सरयू राय ने कहा कि क्या इन दोनों महानुभावों को बीजेपी ने पेटेंट करा रखा है क्या? 

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर, राममनोहर लोहिया समेत कई महापुरूष करोड़ों भारतवासियों की प्रेरणा स्रोत रहे है. उसी तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मवाद के प्रतीक थें और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के संस्थापक थे. इनके विचार किसी पार्टी विशेष और वर्ग तक सीमित नहीं थे, बल्कि ये करोड़ों भारतीयों के आदर्श हैं.

बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी जेवीएम के भाजपा में विलय के सवाल पर और बीजेएम के भविष्य में बीजेपी में विलय के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी जहाज के उस पंछी की तरह है जो जहाज से उड़ कर पुनः जहाज पर लौट जाता है. बाबूलाल बीजेपी के आदर्श हो सकते हैं हम सबों के नही. आगे बीजेपी को वे कैसे संगठनात्मक दृष्टिकोण से सशक्त बना सकते हैं यह देखना होगा.