सावन की दूसरी सोमवारी में DC की निगरानी में हुई बाबाधाम में पूजा, लोगों के प्रवेश पर है प्रतिबंध

आज सावन महीने की दूसरी सोमवारी में देवघर में हर साल की तरह इस साल आस्था का जनसैलाब तो नहीं उमड़ा लेकिन भगवान शंकर की पूजा पूरे विधि-विधान से की गई. सावन में सोमवार का अपना महत्व होता है. 

सावन की दूसरी सोमवारी में DC की निगरानी में हुई बाबाधाम में पूजा, लोगों के प्रवेश पर है प्रतिबंध
बाबाधाम में भगवान शंकर की पूजा पूरे विधि-विधान से की गई.(फाइल फोटो)

देवघर: आज सावन महीने की दूसरी सोमवारी में देवघर में हर साल की तरह इस साल आस्था का जनसैलाब तो नहीं उमड़ा लेकिन बाबाधाम में भगवान शंकर की पूजा पूरे विधि-विधान से की गई. सावन में सोमवार का अपना महत्व होता है. सोम चन्द्रमा को कहते है और चन्द्रमा के ईश्वर भगवान शिव को माना जाता है इसलिए सोमवारी को खास माना जाता है.

सोमवारी काफी फलदाई होता है. इसी वजह से शिव को सोमेश्वर कहते हैं. सावन के महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था और हर सोमवारी को एक बेशकीमती वस्तु निकली थी और ये सभी वस्तुएं जगत के कल्याण के लिए निकला था . 

सावन की दूसरी  सोमवारी को ऐरावत हाथी की उत्पत्ति हुई थी जो शक्ति वैभव ओर ऐश्वर्य का प्रतीक माना गया है. जानकारों के अनुसार यही कारण है कि आज के दिन पवित्र द्वादस ज्योतिर्लिंग के जलाभिषेक से सभी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

आज नियमों में बदलाव करते हुए देवघर की डीसी नैंसी सहाय ने मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करवा दी है. दूसरे सोमवार इससे महिलाओं और बच्चों के सरकारी पूजा में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है. साथ ही पुरोहित समाज के लोग भी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजा में शामिल होने का निर्देश दिया गया है. इसकी संख्या भी सीमित कर दी गई है. तकरीबन 4 बजे मंदिर का पट खोला गया और फिर काचा जल पूजा की परंपरा पुजारियों द्वारा सम्पन्न हुआ. इसके बाद देवघर डीसी की निगरानी में पूजा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कराया गया.

इसके पहले एक दिन पहले ही मंदिर को NDRF द्वारा सेनेटाइज कराया गया था. दूसरी सोनवारी को बाबा मंदिर का नाजारा बदला बदला सा है. दरअसल सुरक्षा व्यवस्था को पहली सोमवारी से ज्यादा कड़ी कर दी गई है और पुजारियों की संख्या भी सीमित कर दी गई है. साथ ही आम स्थानीय श्रद्धालुओ के प्रवेश पर भी पूर्णतः  रोक लगा दी गई है. पुरोहितों का भी मंदिर गर्भ गृह में सरकारी पूजा के लिए फुट ओवरब्रिज के माध्यम से प्रवेश कराया गया.

वहीं, दूसरी ओर देवघर के एसपी ने है कि मंदिर में नो एंट्री जोन बना दिया गया है और बाहरी श्रद्धालुओं पर रोक है. मंदिर में भी सिर्फ तीर्थ पुरोहित ही सीमित संख्या में पूजा कर रहे हैं. दूसरी तरफ बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ा दी गई है और आने जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.