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झारखंड: प्रतिदिन जान जोखिम में डालते हैं बच्चे, ट्रेन के नीचे से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर

पलामू जिले के उटारी रोड रेलवे स्टेशन के समीप प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे रेलवे लाइन को पार कर स्कूल जाते हैं.

झारखंड: प्रतिदिन जान जोखिम में डालते हैं बच्चे, ट्रेन के नीचे से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर
ट्रेन के नीचे से गुजरकर छात्र पहुंचेते हैं स्कूल.

अमित कुमार, पलामू : झारखंड के पलामू में एक ऐसा विद्यालय, जहां के 900 बच्चे प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर अपना भविष्य संवारने के लिए पहुंचते हैं. बच्चे रेलवे ट्रैक और वहां खड़ी ट्रेन के नीचे से गुजरकर स्कूल पहुंचते हैं. कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है.

पलामू जिले के उटारी रोड रेलवे स्टेशन के समीप प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे रेलवे लाइन को पार कर स्कूल जाते हैं. इतना ही नहीं स्कूल जाते समय ज्यादातर गुड्स ट्रेन (मालगाड़ी) खड़ी होने के कारण स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर ट्रेन के नीचे से गुजरने को मजबूर हैं.

छात्राओं की मानें तो इतना बड़ा रिस्क लेकर खड़ी ट्रेन के नीचे से गुजरना उनकी मजबूरी है. क्योंकि वह पढ़ना चाहते हैं. अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. इतना ही नहीं कुछ छात्राओं ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रघुवर दास से फुटओवर ब्रिज की मांग भी मीडिया के जरिए की है.

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ऐसा नहीं है कि उटारी रोड प्रखंड में फुट ओवरब्रिज की मांग पहली बार की जा रही है. गांव की 95 प्रतिशत आबादी रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ है. छात्र-छात्राएं हो या प्रखंडकर्मी या फिर ग्रामीण जिन्हें प्रखंड कार्यालय जाना है सभी को रेलवे ट्रैक पार कर ही जाना होता है. इनके पास कोई और साधन नहीं है. ग्रामीणों की मानें तो वे भयभीत रहते हैं कि उनके बच्चे प्रतिदिन ऐसे स्कूल जाते हैं. किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.

उनका यह भी कहना है कि कई बार डीआरएम और पलामू सांसद से फुट ओवरब्रिज के लिए गुहार लगायी है, मगर अभी तक हालात नहीं बदले.