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राजधानी रांची में महिला कॉलेजों में नहीं है सुरक्षाकर्मी की तैनाती, फेल दिख रहा 'शक्ति ऐप'

पुलिस विभाग के द्वारा शक्ति ऐप लांच किया गया था. लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश कॉलेज के छात्राओं को इस ऐप के विषय मे जानकारी नहीं है.

राजधानी रांची में महिला कॉलेजों में नहीं है सुरक्षाकर्मी की तैनाती, फेल दिख रहा 'शक्ति ऐप'
रांची के वीमेन्स कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी है.

सौरभ शुक्ला/रांचीः राजधानी रांची में छात्राओं की सुरक्षा कागजी पन्नों पर सिमट कर रह गई है. ऐसे में कोई भी मनचला छात्राओं की आबरू तार-तार कर सकता है. दरअसल, बढ़ते छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद शिक्षण संस्थानों में महिला शक्ति कमांडो तैनात किए गए थे. लेकिन शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सुरक्षा का जायजा लिया तो चौकाने वाला हकीकत सामने आया.

मारवाड़ी कॉलेज में पांच महिला कॉन्स्टेबल तैनात दिखी, लेकिन शहर के अन्य कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा कॉलेज प्रबंधन के भरोसे है. जबकि, सोशल फ्रेंडली एप शक्ति एप की जानकारी अधिकांश छात्राओं के पास नहीं है.

राजधानी रांची में छात्राओं की सुरक्षा उनके अपने भरोसे रह गया है. शहर के मारवाड़ी कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज विमेन सेक्शन, विमेंस कॉलेज साइंस सेक्शन, डोरंडा कॉलेज और योगदा सत्संग महाविद्यालय के सुरक्षा का रियलिटी चेक किया तो मारवाड़ी कॉलेज में महिला सुरक्षाकर्मी तो तैनात मिली, लेकिन अन्य कॉलेजों में महिला शक्ति कमांडो की तैनाती नहीं थी. इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि छात्राओं की सुरक्षा का क्या हाल होगा.

पुलिस विभाग के द्वारा शक्ति ऐप लांच किया गया था. इस एप के माध्यम से किसी भी महिला या युवती के साथ किसी तरह की घटना हो तो वह शक्ति एप पर जाकर संबंधित थाने अथवा एसपी, एसएसपी और अन्य अधिकारियों से संपर्क कर सके. लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश कॉलेज के छात्राओं ने इस ऐप के विषय मे जानकारी नहीं होने की बात कही. लिहाजा इस ऐप के प्रचार प्रसार और कॉलेजों में जागरूकता चलाई जाती तो शहर में युवतियों के साथ बढ़ रही छेड़छाड़ की घटना पर लगाम लगाया जा सकता था.

राजधनी रांची में आए दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आती है. इसे ध्यान में रखकर महिला शक्ति कमांडो की तैनाती की बात कही गयी थी. लेकिन रियलिटी चेक में पाया कि शहर के मारवाड़ी कॉलेज के अलावा अन्य कॉलेजों में किए गए रियल्टी चेक में शक्ति कमांडो की तैनाती नहीं मिली और जागरूकता की कमी के कारण शक्ति ऐप भी प्ले स्टोर पर ही सिमट कर रह गया है.