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बिहार: पटना में NGO ने लगाए मेडिकल कैंप, सरकार का दावा- नहीं है महामारी का खतरा

स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार से जलजमाव वाले घरों में ब्लीचिंग पाउडर का वितरण किया जाएगा. 6 हजारर ब्लीचिंग पाउडर के पैकेट घरों में बांटे जाएंगे. 

बिहार: पटना में NGO ने लगाए मेडिकल कैंप, सरकार का दावा- नहीं है महामारी का खतरा
बीमार वृद्ध का इलाज कराने के लिए रिक्शे पर ले जाते परिजन. (तस्वीर- ANI)

पटना : बिहार में आई बाढ़ (Bihar Flood) ने अब महामारी का रूप लेना शुरू कर दिया है. बिहार के जिलों से लेकर राजधानी पटना (Bihar) की स्थिति भयावह होती जा रही है. पटना के राजेन्द्र नगर में बीते आठ दिनों से जमा पानी अब सड़ने लगा है. दुर्गंध से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो चुका है. चिंता की बात यह है कि इस विकट परिस्थिति में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की करफ से एक भी मेडिकल कैंप नहीं लगाए, लेकिन इन भयावह हालात में कुछ एनजीओ आगे आए, जिन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझी और राजेन्द्र नगर में मेडिकल कैंप लगाया.

राजेन्द्र नगर में लगे मेडिकल कैंप में हर रोज़ लगभग 1500 लोग अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं. मेडिकल कैंप (Medical Camp) चलानेवाले डॉक्टर रविकांत बताते हैं कि ज्यादातर शिकायत स्कीन और पेट से संबंधित बीमारियों की आ रही हैं. अधिकतर मरीजों का इलाज ओपीडी में हो रहा है. इंडोर में पेशेंट रखने की अभी नौबत नहीं आयी है, लेकिन आनेवाले 15 दिनों तक राजेन्द्र नगर इलाके में मेडिकल कैंप चलाना होगा.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार से जलजमाव वाले घरों में ब्लीचिंग पाउडर का वितरण किया जाएगा. 6 हजारर ब्लीचिंग पाउडर के पैकेट घरों में बांटे जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की केंद्रीय टीम ने गर्दनीबाग और महाली पकड़ी के इलाकों में 150 घरों का सर्वे किया है. हैरानी की बात है कि टीम ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक अभी महामारी की आशंका नहीं है. वैसे केंद्र सरकार स्कीम के से जुड़े डॉक्टर राहत कार्य में लगे हुए हैं. वहीं, पटना एम्स के डाक्टर को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. इस दैरान संजय कुमार ने लोगों से साफ पानी पीने की अपील की है.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार का दावा भले ही कुछ हो, लेकिन हालात कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं. मुंगेर के 6 प्रखंड के 30 पंचायत में महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है. यहां डायरिया के 30 से 40 मरीज स्थानीय पीएचसी में इलाज करवा रहे हैं. अकेले जमालपुर प्रखंड विजय नगर गांव में बडी तादाद में डायरिया के मरीज़ मिल रहे हैं. गांव के कई लोगों को उल्टी और शौच की शिकायत हो रही है.

मुंगेर ही नहीं मधेपुरा में भी डेंगू के मरीज़ो की तादाद में इज़ाफा देखने को मिल रहा है. डेंगू यहां भी काफी तेज़ी से पैर पसारने लगा है. निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर आर. के. पप्पू कहते हैं कि खुद उनके अस्पताल में 150 डेंगू मरीजों ने ईलाज कराया है. उधर जिले के सिविल सर्जन डाक्टर सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव की मानें तो सदर अस्पताल में अभी तक 4 केस डेंगू के आये हैं. उन्होंने दावा किया है कि अस्पताल डेंगू पीड़ित मरीजों का ईलाज करने मे पूरी तरह से सक्षम है.

हालांकि सरकारी आंकडों की मानें बाढ में अब तक 73 लोगों की जान जा चुकी है लेकिन बाढ़, बारिश और जल-भराव के बाद जिस कदर महामारी फैलने का ख़तरा बढ गया है, इल हालात में मौत के ये आंकडे बढ़ भी सकते हैं, जो अपने आप में चिंता का विषय है. 

-- Rashmi Sharma, News Desk