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झारखंड: 'महागठबंधन के नेता' के नाम पर चुप्पी, इशारों-इशारों में हेमंत सोरेन ने कहा कुछ ऐसा!

एक तरफ जहां बीजेपी 65 पार का लक्ष्य लिए लोगों तक पहुंच रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी को सत्ता से उखाड़ने के लिए महागठबंधन की तैयार हो रही रूपरेखा में बहुत कंफ्यूजन है.

झारखंड: 'महागठबंधन के नेता' के नाम पर चुप्पी, इशारों-इशारों में हेमंत सोरेन ने कहा कुछ ऐसा!

रांची: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में सियासी हलचल है .एक तरफ जहां बीजेपी 65 पार का लक्ष्य लिए लोगों तक पहुंच रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी को सत्ता से उखाड़ने के लिए महागठबंधन की तैयार हो रही रूपरेखा में बहुत कंफ्यूजन है. झारखंड कांग्रेस प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष महागठबंधन के नेता के नाम पर चुप्पी साधे हैं तो वही पार्टी के कार्यकरी अध्यक्ष और विधायक, हेमंत सोरेन को ही अपना नेता बता रहे हैं.

महागठबंधन और महागठबंधन के नेता के नाम पर चल रहे कन्फ्यूजन के सवाल पर आत्मविश्वास से लबरेज नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने मुहावरे के जरिए बता दिया कि महागठबंधन के नेता वही हैं. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी नदियां समंदर में ही आकर मिलती है और वक्त के साथ पता चल जाएगा कि सूबे में समंदर कौन है. नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने एक सवाल पर कहा कि कौन क्या कर रहा है नहीं कर रहा है उनका अपना विषय है. अलग-अलग दलों के अलग नीति सिद्धांत हैं लेकिन छोटी-छोटी नदियां समंदर में ही आकर मिलती हैं.

 

इधर हेमंत सोरेन के इस कॉन्फिडेंस के बाद भी झारखंड कांग्रेस प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने चुप्पी साधते हुए बस इतना कहा की बिल्कुल हम गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे लेकिन इस स्ट्रेटजी टेलीविजन चैनल पर बात नहीं हो सकती, हमारी चर्चाएं चल रही हैं .लेकिन 5 सालों में रघुवर सरकार का जो शासन काल रहा है उसे जनता जान रही है. रघुवर सरकार सिर्फ वादे कर रही है. हमारी प्रतिज्ञा है कि रघुवर दास सरकार को उखाड़ फेंकेगे. यही हाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का भी है महागठबंधन के सवाल पर वह तो होगा..होगा..होगा कहते हैं लेकिन नेता के नाम पर खामोश हो जाते हैं.

एक तरफ जहां झारखंड प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष नेता के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इरफान अंसारी और विधयक सुखदेव भगत इस पर सभी चीजें साफ होने का दावा करते हैं. इरफान अंसारी का कहना है कि जब राहुल गांधी नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन के नाम पर सहमति बना दी थी तो अब इस पर सवाल क्यों रहा है उन्हें कहा कि चीजें स्पष्ट है बस औपचारिकता होनी बाकी है. वही कांग्रेस के लोहरदगा से विधायक भी कहते हैं कि जो प्रारूप है उसमे कहीं कन्फ्यूजन ही नहीं क्योंकि विधायक दल के नेता जी हेमंत सोरेन में सबसे बड़ी पार्टी भी.

बाहर हाल गांधी जयंती के मौके पर विपक्षी नेताओं के विचार तो एक हैं लेकिन मंजिल पाने के लिए रास्ते अलग अलग दिख रहे. कांग्रेस पार्टी के सिर्फ नेता महागठबंधन के चेहरा के नाम पर खामोश हो रहे हैं तो वहीं विधायक हेमंत सोरेन का नाम लेने में परहेज नहीं कर रहे.