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नवरात्रि: बिहार-झारखंड में भी सिंदूर खेला की धूम, महिलाओं ने देवी दुर्गा से मांगा आशीर्वाद

पटना ही नहीं झारखंड की राजधानी रांची में भी सिंदूर खेला की धूम देखने को मिली. अल्बर्ट एक्का चौक पर दुर्गा बाड़ी मंदिर में महिलाओं ने सिंदूर खेला खेलकर देवी दुर्गा को विदाई दी. 

नवरात्रि: बिहार-झारखंड में भी सिंदूर खेला की धूम, महिलाओं ने देवी दुर्गा से मांगा आशीर्वाद
पटना के पंडाल में सिंदूर खेला के दौरान महिलाएं. (तस्वीर- ANI)

पटना/रांची: नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा ( Durga Puja ) की आराधना के बाद भगवती की विदाई की जाती है. बंगाली रीति रिवाज के अनुसार आज के दिन बंगाली समुदाय की महिलाएं सुहाग की रक्षा के लिए सिंदूर खेला ( Sindur Khela ) खेलती हैं और पति की रक्षा के लिए कामना करती है. पटना के कंकड़बाग इलाके के गायत्री मंदिर में भी बड़े धूमधाम से महिलाओं ने सिंदूर खेला खेला. बंगाली समुदाय के लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा बिठाया और समय से पहले जलजमाव की निकासी के लिए धन्यवाद भी दिया.

पटना ही नहीं झारखंड की राजधानी रांची ( Ranchi ) में भी सिंदूर खेला की धूम देखने को मिली. अल्बर्ट एक्का चौक पर दुर्गा बाड़ी मंदिर में महिलाओं ने सिंदूर खेला खेलकर देवी दुर्गा को विदाई दी. 

विजयादशमी के अवसर पर अल्बर्ट एक्का चौक के दुर्गा बाड़ी मंदिर में बंगाली समाज के महिलाओं के द्वारा सिंदूर खेला गया. मान्यता है कि आज के दिन बंगाली समाज की महिलाएं मां दुर्गा की पूजा अर्चना के बाद मां की विदाई के लिए सिंदूर खेला करती हैं. पहले मां के चरणों में सिंदूर लगाकर फिर आपस में एक दूसरे को सिंदूर लगाया जाता है. कहा जाता है कि मां को सिंदूर लगाने के बाद मायके से ससुराल विदा किया जाता है. सभी सुख, समृद्धि के साथ-साथ सदा सुहागन रहने की मां से आशीर्वाद मांगती है. ढोल की थाप पर सभी खुशी से झूमती रहीं.

वहीं, हजारीबाग में विसर्जन के दिन मशहूर पंडाल बंगाली दुर्गा मंडप में सुहागिनों ने आज सिंदूर की होली खेली है. महिलाओं ने कहा कि मन काफी दुखी है कि मां को हम विदा कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि यह साल बेहतर तरीके से बीता. इसके लिए हम मां को धन्यवाद दे रहे हैं और खुशी व्यक्त कर रहे हैं.