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बिहार: शुरू हुआ विशेष राज्य के दर्जे की मांग, एक दशक से हर चुनाव में उठता है यह मुद्दा

सत्ताधारी जेडीयू ने इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है, लेकिन विपक्ष और राजनीति के जानकारों का कहना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना इतना आसान नहीं होगा. 

बिहार: शुरू हुआ विशेष राज्य के दर्जे की मांग, एक दशक से हर चुनाव में उठता है यह मुद्दा
सत्ताधारी जेडीयू ने इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में 2020 का विधानसभा चुनाव विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर लड़ा जाएगा, ये अब साफ हो गया है. सत्ताधारी जेडीयू ने इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है, लेकिन विपक्ष और राजनीति के जानकारों का कहना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना इतना आसान नहीं होगा. 

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग एक दशक से भी ज्यादा पुरानी है. समय और परिस्थिति के मुताबिक ये मुद्दा बिहार की राजनीति में सुर्खियां बटोरता रहा है. इस दौरान कई मौके ऐसे आए हैं, जब केंद्र सरकार की ओर से विशेष राज्य के दर्जे के सवाल को खारिज कर दिया गया है. लेकिन 2019 के चुनाव के बाद एक बार फिर से विशेष राज्य का मुद्दा उभरा है और माना जा रहा है कि सत्ताधारी जेडीयू इसी मुद्दे पर 2020 का चुनाव लड़ने की तैयारी में है. इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रतिबद्धता जता रहे हैं. 

 

मुख्यमंत्री विशेष राज्य के दर्जे के सवाल को भले ही पूरे बिहार की मांग बता रहे हैं, लेकिन राजनीति के जानकारों का कहना है कि ये इतना आसान नहीं है. इधर, जेडीयू की सहयोगी बीजेपी का कहना है कि विशेष राज्य का दर्जा हमारी मांग रही है, इसमें जो भी तकनीकी बाधाएं हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास होना चाहिए. विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है. 

बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा हर बड़े मौके पर गूंजता रहा है. 15वें वित्त आयोग के सामने बिहार की ओर से मजबूती से अपनी मांग को रखा गया है और उन सभी शंकाओं को भी दूर किया गया है, जिनको आधार बना कर केंद्र सरकार इसे खारिज करती रही है. ऐसे में 2020 में होनेवाले विधानसभा चुनाव से लगभग डेढ़ साल पहले जेडीयू की ओर से जिस तरह से इस मुद्दे को फिर से केंद्र में लाकर खड़ा किया गया है, उससे साफ लगता है कि अब इस मुद्दे पर आर या पार की स्थिति आनेवाली है.