बिहार: जावेद अख्तर मामले में सुनवाई टली, आपत्तिजनक बयान देने पर दर्ज हुआ है केस

कोरोना वायरस को लेकर अधिवक्ताओं के द्वारा न्यायिक कार्य से अलग रखने के की वजह से सुनवाई टल गई है. आपको बता दें कि  दिल्ली हिंसा के बाद ताहिर के घर को सील करने के मामले में जावेद अख्तर ने टिप्पणी की थी जिसपर  बेगूसराय के अधिवक्ता अमित कुमार ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया था.  

बिहार: जावेद अख्तर मामले में सुनवाई टली, आपत्तिजनक बयान देने पर दर्ज हुआ है केस
जावेद अख्तर मामले में सुनवाई 25 मार्च को होनी थी लेकिन अब टल गई है. (फाइल फोटो)

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में मशहूर गीतकार और पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर (Javed Akhtar) पर व्यवहार न्यायालय के सीजीएम के यहां परिवाद पत्र दायर किया गया है. जिसकी सुनवाई 25 मार्च को रखी गई थी लेकिन यह सुनवाई अब टल गई है. 

 कोरोना वायरस को लेकर अधिवक्ताओं के द्वारा न्यायिक कार्य से अलग रखने के की वजह से सुनवाई टल गई है. आपको बता दें कि  दिल्ली हिंसा के बाद ताहिर के घर को सील करने के मामले में जावेद अख्तर ने टिप्पणी की थी जिसपर  बेगूसराय के अधिवक्ता अमित कुमार ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया था. 

बेगूसराय व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता अमित कुमार सीजीएम कोर्ट में परिवाद पत्र दायर कर कहा था कि दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के बाद ताहिर के घर को पुलिस द्वारा सील करने पर जावेद अख्तर ने टिप्पणी की थी.

इसी को लेकर अधिवक्ता अमित कुमार ने कहा कि जब देश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) आए थे, उस समय दिल्ली में हिंसा कराई गई. जिसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गईं, लेकिन जावेद अख्तर ने ताहिर के घर को सील करने पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की थी. जो विभिन्न अखबारों और मीडिया में बात आई थी.

अमित कुमार ने कहा कि जावेद अख्तर की यह टिप्पणी अपराध को धर्म से जोड़ने का काम किया, जो आपत्तिजनक है. इसी को लेकर सीजीएम के यहां परिवाद पत्र दायर किया गया है.

आपको बता दें कि जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा था, "दिल्ली में कई लोग मारे गए, घर फूंके गए, दुकान लूट ली गई पर पुलिस सिर्फ एक घर को सील कर मालिक को खोज रही है. संयोग से उसका नाम ताहिर है. दिल्ली पुलिस को सलाम." अमित ने कहा है कि इस बयान को पढ़ने के बाद स्पष्ट है कि अख्तर हिंदुस्तान को जाति, संप्रदाय के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं.