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पटना: पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल हुई खत्म लेकिन उठ रहे कई सवाल

 जूनियर डॉक्टरों ने खास कंपनी की दवाई मरीजों को नहीं  लिखे जाने पर फेल करने का आरोप लगाकर हड़ताल की थी. दूसरी ओर पीएमसीएच अधीक्षक ने सवालिया लहजे में कहा है कि, आखिर फेल किए जाने के बाद ही जूनियर डॉक्टरों को हड़ताल पर क्यों गए.

पटना: पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल हुई खत्म लेकिन उठ रहे कई सवाल
इमरजेंसी, ओपीडी सहित दूसरी विभागों में जूनियर डॉक्टर दोबारा काम पर लौट गए. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के पीएमएसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य सेवा एक बार फिर से पटरी पर लौट गई है. जूनियर डॉक्टरों ने खास कंपनी की दवाई मरीजों को नहीं  लिखे जाने पर फेल करने का आरोप लगाकर हड़ताल की थी. दूसरी ओर पीएमसीएच अधीक्षक ने सवालिया लहजे में कहा है कि, आखिर फेल किए जाने के बाद ही जूनियर डॉक्टरों को हड़ताल पर क्यों गए.

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल यानि पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर तीन दिनों से हड़ताल पर थे. हड़ताल खत्म होने के बाद जूनियर डॉक्टर फिर काम पर लौट आए हैं. दरअसल जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया था कि दलाल की बात नहीं मानने और खास कंपनी की दवा नहीं लिखे जाने पर छात्रों को फेल कर दिया जाता है. जूनियर डॉक्टरों ने आरोप पीएमसीएच हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर विजय कुमार पर लगाया था जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें हटा दिया. अब डॉक्टर दोबारा काम पर लौट गए हैं. 

इमरजेंसी, ओपीडी सहित दूसरी विभागों में जूनियर डॉक्टर दोबारा काम पर लौट गए हैं, जिसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली है. सभी विभागों में जूनियर डॉक्टरों को काम पर देखा गया और बारी -बारी से मरीज भी इलाज करते दिखे. इसी बीच पीएमसीएच प्रशासन ने जूनियर डॉक्टरों पर लगे आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है और जब तक आरोप की जांच नहीं होते हैं तब तक डॉक्टर विजय कुमार की जगह पर डडॉक्टर विश्वेद्र सिन्हा को विभाग का नया एचओडी बनाया गया है. 

हालांकि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त करने पर पीएमसीएच प्रबंधन ने राहत की सांस ली है. लेकिन इसके साथ ही पीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन ने सवाल भी किया है. डॉक्टर राजीव रंजन के मुताबिक, फेल करने पर ही छात्रों को हड़ताल पर जाने की नौबत क्यों आई. किसी खास कंपनी की दवा क्यों लिखी गई थी अब इसकी जांच की जाएगी और पीएमसीएच परिसर में किसी भी ऐसे शख्स को प्रवेश नहीं दिया जाएगा जो दवाईयों का डील करते हैं.

पीएमसीएच में आए दिन हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को होती है. परेशानियों के बीच एक सवाल जो परेशान कर रहा है कि क्या वाकई पीएमसीएच में खास कंपनी की दवाई डॉक्टरों को लिखने के लिए मजबूर किया जाता है. और अगर ये दवाइयां पीएमसीएच के मरीज खरीद रहे थे तो इसकी भनक पीएमसीएच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को क्यों नहीं थी.