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झारखंडः कौशल विकास केंद्र बना शोषण केंद्र, छात्र-छात्रा होस्टल छोड़ बाहर निकले

दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र का संचालन करने का जिम्मेवारी रांची के एक एनजीओ को दिया गया, वहां कोल्हान के युवाओं का कौशल न होकर शोषण हो रहा है.

झारखंडः कौशल विकास केंद्र बना शोषण केंद्र, छात्र-छात्रा होस्टल छोड़ बाहर निकले
चाईबासा के कौशल केंद्र में छात्रों ने किया हंगामा.

आनंद प्रियदर्शी/चाईबासाः कोल्हान के युवाओं के कौशल विकास के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जगन्नाथ के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में दीन दयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र इस उम्मीद से खोला था कि कोल्हान के आदिवासी युवाओं को कौशल विकास हुनरमंद बना कर स्वावलंबी बनाएंगे. लेकिन उनका यह सपना टूटता दिख रहा है. जगन्नाथपुर के जिस दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र का संचालन करने का जिम्मेवारी रांची के एक एनजीओ को दिया गया, वहां कोल्हान के युवाओं का कौशल न होकर शोषण हो रहा है.

कौशल केंद्र के संचालक के शोषण और अत्याचार के खिलाफ आज छात्राओं ने मोर्चा खोला दिया. जिसके बाद एनजीओ प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं को केंद्र से बाहर कर दिया. हॉस्टल से सड़क पर पहुंची छात्राओं ने अपने-अपने अभिभावकों को फोन कर बुलाया तब कौशल केंद्र में जबरदस्त हंगामा हुआ.

छात्राओं और अभिभावकों के हंगामा की सूचना मिलने पर जगन्नाथपुर के भाजपा नेता और बीडीओ, थाना प्रभारी भी कौशल केंद्र पहुंच. फिलहाल बीडीओ, थाना प्रभारी और कौशल केंद्र के संचालकों के बीच वार्ता जारी है.

दूसरी तरफ कौशल केंद्र से बाहर की गई छात्रों ने बीच सडक पर मीडिया से बात करते कहा कि उनके साथ केंद्र के संचालक शोषण कर रहे हैं. खाना में कीड़े मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. तीन-चार माह से पड़े हैं, लेकिन न तो क्लास चल रहा है और न ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

सीनियर को को फर्जी सर्टिफिकेट दिया गया है. प्रशिक्षण के बाद सैकड़ों लडकियां घर में बैठी हैं. उन्हें जॉब नहीं दिया गया है. हर तरह से संचालक मनमानी कर रहे हैं. विरोध करने पर कमरे में घंटों बंद कर दिया जाता है.

छात्रों के इस खुलासे पर केंद्र के संचालकों ने छात्रों पर गंभीर आरोप लगा दिया है. वहीं, भाजपा नेता मंगल सिंह सुरेन कौशल केंद्र के खिलाफ ही आंदोलन की चेतावनी दे दी है. फिलहाल प्रशासन के निर्देश पर बीडीओ और थाना प्रभारी मामले को शांत कर वार्ता कर रहे हैं, लेकिन छात्रों और अभिभावकों ने हॉस्टल हर हाल में छोड़ने पर अडिग हैं.