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मुंडेश्वरी धाम, दुर्गावती इको पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होंगे: सुशील मोदी

उपमुख्यमंत्री मोदी ने बुधवार को कैमूर के मुण्डेश्वरी धाम एवं करकटगढ़ तथा रोहतास के दुर्गावती जलाशय के स्थल निरीक्षण के बाद पटना लौटने पर पत्रकारों से कहा कि इन तीनों को इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

मुंडेश्वरी धाम, दुर्गावती इको पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होंगे: सुशील मोदी
मंदिर के नीचे पांच हेक्टेयर भूमि पर इको टूरिज्म पार्क विकसित किया जाएगा.

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां बुधवार को कहा कि मुंडेश्वरी, करकटगढ़ और दुर्गावती क्षेत्र को इको पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री मोदी ने बुधवार को कैमूर के मुण्डेश्वरी धाम एवं करकटगढ़ तथा रोहतास के दुर्गावती जलाशय के स्थल निरीक्षण के बाद पटना लौटने पर पत्रकारों से कहा कि इन तीनों को इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

मोदी ने बताया कि मुण्डेश्वरी धाम में मंदिर के नीचे पांच हेक्टेयर भूमि पर इको टूरिज्म पार्क विकसित किया जाएगा, जहां तीन झरने और नौका बिहार के लिए तालाब, पार्किं ग स्थल एवं बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के पार्क बनाए जाएंगे.

इसके साथ ही कैमूर के करकटगढ़ में कर्मनाशा की जलधारा से निकले बिहार के सबसे ऊंचे मनोरम जलप्रपात को देखने के लिए ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर 70 मीटर लम्बा 'हैंगिंग ब्रिज' बनवाया जाएगा. उन्होंने कहा कि "इसके साथ एक नया स्थल विकसित किया जाएगा, जो 80 मीटर लम्बा स्टील का ढांचा हवा में निकला और ग्लास से ढका व्यू प्वाइंट होगा, जहां से पर्यटक सामने से जलप्रपात के नजारे को विभिन्न कोणों से देख सकेंगे. यहां अन्य पर्यटकीय सुविधाओं के साथ ही इको पार्क भी विकसित किया जाएगा.'

बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री मोदी ने आगे कहा कि 'दुर्गावती जलाशय के जलभरित क्षेत्र में नौका विहार की सुविधा, रॉक क्लामिइंग के अलावा शेरगढ़ किला तक जाने के लिए ट्रैक और साथ ही वनक्षेत्र के अंदर से प्रसिद्घ गुप्ताधाम जाने के लिए 30 किलोमीटर सड़क को विकसित किया जाएगा.'

उपमुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.