सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, दलों को सौंपना होगा मीडिया को अपने उम्मीदवारों का पूरा ब्योरा

जेडीयू ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि इससे दूरगामी नतीजे सामने आएंगे और राजनीतिक दलों की ओर से टिकट देते समय इसका ख्याल रखा जाएगा. कोर्ट के इस फैसले से सही लोग राजनीति में आ सकेंगे.

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, दलों को सौंपना होगा मीडिया को अपने उम्मीदवारों का पूरा ब्योरा
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक पार्टियों को दिया आदेश, मीडिया को सौंपने होंगे उम्मीदवारों का पूरा ब्योरा. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/पटना: राजनीति में आपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ा आदेश दिया गया है. इसके तहत अगर कोई दल अपराधी को टिकट देता है, तो उसका पूरा ब्योरा सोशल मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया पर जारी करना पड़ेगा. साथ ही यह भी बताना पड़ेगा, आखिर अपराधी को उसने टिकट क्यों दिया. इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. 

बिहार में जेडीयू ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि इससे दूरगामी नतीजे सामने आएंगे और राजनीतिक दलों की ओर से टिकट देते समय इसका ख्याल रखा जाएगा. कोर्ट के इस फैसले से सही लोग राजनीति में आ सकेंगे.

वहीं आरजेडी विधायक ने कहा कि कोर्ट का कहना सत्य है. नीति सिद्धांत की धारा है. राजनीति में ऐसे लोगों की जरूरत है जो नीति सिद्धांत को मानते हैं न की वैसे लोग जो अपराधी चरित्र के हैं और जिनका अपराध में नाम आ चुका है. कोर्ट ने सिद्ध कर दिया है कि ऐसे लोगों पर जब आरोप आता है तो उसे पार्टी से निकाल दिया जाता है. ऐसे लोगों को पार्टी टिकट देती है तो गलत करती है.

वहीं बीजेपी एमएलसी नवल यादव ने कहा कि कोई राजनीतिक दल जो राष्ट्रीय पार्टी है, वह अपराधियों को टिकट नहीं देती है. जिन लोगों को टिकट देती है उनका सारा ब्योरा चुनाव आयोग को उनके तरफ से दिया जाता है. संविधान जो अधिकार देता है, उसका इस्तेमाल सब करते हैं. राजनीतिक पार्टियों के वर्कर पर भी कोई धारा लग जाता है.

रालोसपा के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का आदेश बहुत जरूरी था. राजनीति मे अच्छे लोगों की जरूरत है. अब सभी पार्टियों को आपराधिक प्रवत्तियों के प्रत्याशियों का ब्योरा देना होगा.