मुजफ्फरपुर रेप कांड में मीडिया की पाबंदी पर सही नहीं - सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामले में लिखाने या दिखाने पर रोक सही नहीं है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 18 सितंबर को की जाएगी. 

मुजफ्फरपुर रेप कांड में मीडिया की पाबंदी पर सही नहीं - सुप्रीम कोर्ट
मुजफ्फरपुर रेप कांड में मीडिया की पाबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है. (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली:  मुजफ्फरपुर रेप कांड में मीडिया की पाबंदी के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट  में सुनवाई की गई. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामले में लिखाने या दिखाने पर रोक सही नहीं है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. 

आपको बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने 23 अगस्त को मुजफ्फरपुर रेप कांड मामले में मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि मीडिया रिपोर्टिंग से जांच प्रभावित हो रही है. खासकर हाईकोर्ट ने  इस मामले से जुड़े किसी भी शख्स का चेहरा ना दिखाने,  बयान या इस मामले से जुड़ी किसी भी खबर को लिखने या दिखाने पर रोक लगा दी थी. 

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और आज सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया के हित में निर्णय दिया है. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि बिना जांच-पड़ताल कैसे शेल्टर होम को इतने सालों से फंड दे रहे थे? एमिकस क्यूरी ने बताया था कि कई सालों बाद 2017 में सोशल ऑडिट हुआ. लेकिन ऑडिट करने वाले वहां के स्टाफ से बात कर निकल गए. बच्चियों से बात ही नहीं की. 

हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से कई सवाल पूछा था कि NGO को पैसा बिना किसी उचित जांच के दिया गया था, उनकी विश्वनीयता की जांच हुई? कब से पैसा दिया जा रहा है, साल 2004 से आप पैसा दे रहे है, वो भी बिना पड़ताल किए? क्या पीड़ित लड़कियों की कॉउंसलिंग की गई? सिर्फ एक होम का मामला नहीं है, 15 ऐसे होम है. बिहार सरकार ने कहा था कि सब पर एक्शन लिया गया है, गिरफ्तारी हुई है.  

मुजफ्फरपुर रेप कांड मामले की जांच सीबीआई कर रही है. जांच की मॉनेटरिंग पटना हाईकोर्ट द्वारा की जा रही है. पटना हाईकोर्ट भी जांच के संबंध में सीबीआई को कड़ी फटकार भी लगा चुकी है. सीबीआई द्वारा एसपी जेपी मिश्रा के ट्रांसफर को लेकर उचित जवाब नहीं देने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई थी.