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सुशील मोदी का RJD पर हमला, '15 साल राज करने वाले छठ पर 15 लाख भी नहीं खर्च करते थे'

मोदी ने कहा कि उन्होंने एक दौर ऐसा भी देखा है जब 15 सालों तक बिहार में राज करने वाले लोग छठ पर्व को लेकर 15 लाख रुपये तक भी खर्च नहीं कर पाते थे.

सुशील मोदी का RJD पर हमला, '15 साल राज करने वाले छठ पर 15 लाख भी नहीं खर्च करते थे'
छठव्रतियों के बीच पूजा सामग्री बांटते सुशील मोदी.

पटना: आमतौर पर छठ पर्व (Chhath Puja) पर सियासत की परंपरा नहीं रही है, लेकिन बिहार के डिप्टी सीएम ने इस परंपरा को तोड़ते हुए आरजेडी-कांग्रेस पर हमला बोल दिया है. सुशील मोदी (Sushil Modi) ने कहा है कि बिहार सरकार छठ पर्व की व्यवस्था पर करोड़ो रुपये खर्च कर रही है. लेकिन एक दौर वह भी था जब 15 साल राज करने वाले लोगों के समय छठ की व्यवस्था पर 15 लाख रुपये भी खर्च नहीं होते थे. सुशील मोदी के हमले से आरजेडी और कांग्रेस में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

बिहार में छठ पर्व को लेकर भी सियासत शुरू हो गई है. बिहार सरकार ने छठ पर्व के सफल आयोजन को लेकर पूरी ताकत झोंक रखी है. सीएम और डिप्टी सीएम ने खुद दो बार पटना के छठ घाटों का दौरा किया है. ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए. इस बीच डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बड़ा बयान दे दिया है. छठव्रतियों के बीच पूजा सामग्री बांटने पहुंचे सुशील मोदी ने आरजेडी और कांग्रेस पर बातों ही बातों में निशाना साध दिया.

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से छठ पर्व को लेकर बेहतरीन इंतजामा किये गये हैं. साथ ही यह भी कहा कि एक दौर ऐसा भी देखा है जब 15 सालों तक बिहार में राज करने वाले लोग छठ पर्व को लेकर 15 लाख रुपये तक भी खर्च नहीं कर पाते थे. सुशील मोदी ने लोगों से प्रकृति के बीच दोस्ताना संबंध बनाने की अपील भी की है.

मोदी ने कहा कि छठ प्रकृति का पर्व है. पूरे विश्व में बिहार ही एक ऐसा राज्य है और बिहारी ही ऐसे लोग हैं जो प्रकृति की पूजा करते हैं. ऐसे में लोगों को प्रकृति को अपना दुश्मन बनाने की बजाय दोस्त बनाना चाहिए. तालाब पोखरों को स्वच्छ रखना चाहिए. साथ ही पेड लगाकर उसकी देख रेख करनी चाहिए. मोदी ने कहा कि जो लोग छठ घाट नहीं जा सकते हैं. उनके लिए मोहल्ले के पार्कों में व्यवस्था की गई है. छठव्रती वहां भी अर्घ्य दे सकते हैं.

सुशील मोदी के बयान पर आरजेडी ने हमला बोला है. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि आरजेडी शासनकाल में अगर 15 लाख खर्च होते थे तो पूरे खर्च होते थे. लेकिन एनडीए के शासनकाल में खर्च करोड़ों बताया जाता है, लेकिन वास्तविक में खर्च 15 हजार रुपये भी नहीं होते हैं. पटना का जलजमाव इसका बड़ा उदाहरण है. नाला उड़ाही के नाम पर करोडों रुपये खर्च हो गये लेकिन पटना डूब गया. सुशील मोदी खुद इसके शिकार बने. बिहार की जनता भी अब ये समझ चुकी है कि एनडीए के शासनकाल से बेहतर हमारा ही शासनकाल था. सुशील मोदी कितनी भी कोशिश कर लें जनता इन्हें सबक सिखाएगी.

सुशील मोदी के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ती जतायी है. कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड ने कहा है कि छठ पर्व के मौके पर सुशील मोदी को राजनीति नहीं करनी चाहिए थी. सुशील मोदी को ये नहीं भूलना चाहिए कि सरकार की लापरवाही के कारण ही छठ पर्व पर कई लोगों की जान भी जा चुकी है. ऐसे में बयानबाजी करने की बजाय छठ पर्व की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.