बिहार: माइक्रो फाइनेंस कंपनी काट रही चांदी, 24 प्रतिशत पर लोन फिर भी 95 फीसदी रिकवरी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को अहम बैठक बुलाई गई. इस बैठक में माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था. 

बिहार: माइक्रो फाइनेंस कंपनी काट रही चांदी, 24 प्रतिशत पर लोन फिर भी 95 फीसदी रिकवरी
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के साथ सुशील मोदी की बैठक.

पटना: बैंकों के खस्ता हालत के इस दौर में बिहार की माइक्रो फाइनेंस कम्पनियां चांदी काट रही है. बिहार के लोग इन कंपनियों को खूब फलने-फूलने दे रहे हैं. ये माइक्रो फाइनेंस कम्पनियां लाखों हजार करोड़ लोन बांट रही हैं. रिकवरी भी लगभग पूरी है. माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के साथ मीटिंग में यह सब निकलकर सामने आया है. 

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को अहम बैठक बुलाई गई. इस बैठक में माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था. पुराना सचिवालय के मुख्यसभागार में बैठक बुलाई गई थी.

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मीटिंग के सम्बोधित करते हुए कहा कि 1.30 लाख करोड़ के टारगेट में से एक लाख करोड़ से अधिक राशि लोन दे चुकी है. सबसे रोटक बात यह है कि यह कम्पनी 24 फीसदी की दर से गरीबों को लोन देती है. फिर भी लगभग सौ फीसदी लोग लोन लौटाते हैं. उन्होंने प्रतिनिधियों को कहा कि इंटरेस्ट ज्यादा है. इसपर आपका कोई दोष नहीं. यदि यह और कम हो सकता है तो उसे कीजिए. मैं केंद्र सरकार को कर्ज की ब्याज दर को कम करने को लेकर पत्र लिखूंगा.

गरीबों को महंगे दर पर लोन मिल रहा है. वे गरीब 95.5 फीसदी से अधिक लोन लौटा रहे हैं. जो बड़ी उपलब्धि है. गरीब आदमी इमानदार है. लोन रिकवरी करने के लिए गुंडे, पुलिस की जरूरत नहीं पड़ती. घर में जाने के बाद लोन की राशि तुरंत वापस मिल जा रही है. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने इन कम्पनियों से कहा कि आप SLBC की मीटिंग में आएं. स्टेट लेवल बैंकिंग समिति में आप अपनी बात रखें. उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों को कहा कि कोई दिक्कत हो तो वे हमें बताएं. सरकार सहयोग करेगी. बिहार से सूदखोर का खात्मा करना है.