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बिहार: मोतिहारी में सामने आया टैब घोटाला, 6000 कीमत लेकिन बिल 19000 का

बाजार में जिस टैब की कीमत छह हजार रुपये है. उसे 19 हजार रुपये में खरीदा गया. इतना ही नहीं खरीदे गए टैब को स्वास्थ्य विभाग के सेन्ट्रल स्टोर में न तो सूचीबद्ध कराया गया और न ही जांच करवायी गई.

बिहार: मोतिहारी में सामने आया टैब घोटाला, 6000 कीमत लेकिन बिल 19000 का
मोतिहारी में टैब स्कैम. (Screen Grab)

रंजीत कुमार, मोतिहारी: पूर्वी चम्पारण (East Champaran) में जिला स्वास्थ्य समिति ने फिर एक कारनामा कर दिखाया है. यहां टैब के नाम पर बड़ा घपला हुआ है. दरअसल, जिले में 104 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव है. इन केंद्रों से लाभार्थियों के डाटा को राज्य स्तर पर विभाग को भेजा जाना है, जिसके लिए टैब की खरीद होनी है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिला स्वास्थ्य समिति को इसके लिए राशि भी आवंटित की है. जिला स्वास्थ्य समिति ने पहले तो कागजों पर 14 सेंटर खोल डाले फिर इसके लिए पहले चरण में 22 टैब भी खरीद लिए.

बाजार में जिस टैब की कीमत छह हजार रुपये है. उसे 19 हजार रुपये में खरीदा गया. इतना ही नहीं खरीदे गए टैब को स्वास्थ्य विभाग के सेन्ट्रल स्टोर में न तो सूचीबद्ध कराया गया और न ही जांच करवायी गई. अधिकारी और तकनीक विशेषज्ञ के जांच के बिना ही स्वास्थ्य विभाग ने चार लाख 18 हजार रुपये का भुगतान कर दिया.

अब हाल यह है की खरीदे गये टैब पर विभाग से मिला साफ्टवेयर भी इंस्टॉल नहीं हो पा रहा है. वहीं, इस गड़बड़झाले के बारे में जिला लेखा प्रबंधक कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं. मामले का खुलासा होने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने जांच टीम का गठन कर दिया है, लेकिन गठन के हफ्ते भर बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है.

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पूर्वी चम्पारण का स्वास्थ्य विभाग कभी दवा घोटाला तो कभी प्रशिक्षण के नाम पर गड़बड़ी को लेकर पहले ही बदनाम हो चुका है. सभी घोटालों की जांच बस फाइलों तक ही सीमित रह जाती है. कहा तो ये भी जाता है कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य समिति का ऑडिट भी नहीं कराया है, जिससे इन घोटाले की सच्चाई भी बाहर नहीं आ पा रही है.