तेजस्वी का दिखा आक्रामक अंदाज, 9 जून को गरीब अधिकार दिवस मनाएगी RJD

बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आज तेजस्वी यादव ने भी मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान तेजस्वी यादव पूरी तरह आक्रामक मोड में नजर आए. 

तेजस्वी का दिखा आक्रामक अंदाज, 9 जून को गरीब अधिकार दिवस मनाएगी RJD
तेजस्वी यादव पूरी तरह आक्रामक मोड में नजर आए.

पटना: बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आज तेजस्वी यादव ने भी मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान तेजस्वी यादव पूरी तरह आक्रामक मोड में नजर आए. उन्होंने बीजेपी की वर्चुअल रैली पर भी हमला किया. उन्होंने कहा कि दो लाख लोग कोरोना से प्रभावित हैं. बिहार में गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं लेकिन बीजेपी को रैली और चुनाव की चिंता है. 

जन अधिकार दिवस मनाएगी आरजेडी
साथ ही उन्होंने कहा है कहा कि बीजेपी 9 तारीख को गरीबों की मौत का जश्न मनाएगी लेकिन आरजेडी 9 जून को गरीब अधिकार दिवस मनाएगी. गरीब. बेरोजगार और मजबूर लोगों के सवालों को हम उठाएंगे. आरजेडी की अपील पर लोग थाली और कटोरी पीटेंगे. 

बीजेपी पर बरसे
तेजस्वी यादव ने इस दौरान बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और श्रम विभाग बीजेपी के पास है लेकिन मंत्री कहां हैं और किस बिल में हैं. कितने वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई. सीएम ने एक लाख वेंटिलेटर की बात की की लेकिन क्या हुआ? डिजिटल रैली की जगह बीजेपी को डिजिटल तरीके से हर घर में पहुंचने की व्यवस्था करनी चाहिए थी. 

नीतीश कुमार पर साधा निशाना
नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि क्या बीजेपी ने नीतीश कुमार से इस रैली के लिए पूछा है. रेलवे अपना रास्ता भटक रही है तो क्वारंटाइन सेंटर में खाने में बिच्छु निकल रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को यह बताना चाहिए कि बिहार को विशेष पैकेज क्यों नहीं मिला. नीतीश कुमार को भी यह बताना चाहिए कि लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी. 

थाली लेकर की विरोध जताने की अपील
तेजस्वी ने साथ ही कहा कि सभी लोगों से अपील करेंगे कि 9 जून को सभी आगे आएं और प्रतिकार करें. जिनके पास थाली कटोरा या केला का पत्ता लेकर विरोध स्वरूप आगे आएं. साथ ही उन्होंने कहा कि लालू जी कहते थे कि पेट में आटा नहीं जाएगा तो डाटा लेकर लोग क्या करेंगे. मनरेगा भी आरजेडी और यूपीए की देन है और आज एनडीए को मनरेगा की ही याद आ रही है. उन्होंने ये भी कहा कि अभी भाषण का वक्त नहीं है. अभी हमलोग चुनाव की तैयारी करें या लोगों की जिंदगी बचाएं. लोगों की जिंदगी चुनाव से अधिक जरूरी.