close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मधेपुरा: छठ पर प्रशासन की चिट्ठी से मचा बवाल, तेजस्वी यादव ने CM नीतीश पर किया तीखा हमला

यह चिट्ठी छठ पर्व को लेकर जारी की गई थी, जिसमें कहा गया है कि एक समुदाय विशेष के शरारती तत्व छठ पर्व के दौरान महिलाओं से छेड़खानी करते हैं, जिससे तनाव उत्पन्न होता है. 

मधेपुरा: छठ पर प्रशासन की चिट्ठी से मचा बवाल, तेजस्वी यादव ने CM नीतीश पर किया तीखा हमला
नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला. (फाइल फोटो)

मधेपुरा: प्रशासन की एक चिट्ठी पर बवाल मच गया है, जिसमें एक समुदाय विशेष पर नजर रखने की बात कही गई है. यह चिट्ठी छठ पर्व को लेकर जारी की गई थी, जिसमें कहा गया है कि एक समुदाय विशेष के शरारती तत्व छठ पर्व के दौरान महिलाओं से छेड़खानी करते हैं, जिससे तनाव उत्पन्न होता है. इसलिए प्रशासन को समुदाय विशेष के मोहल्लों पर नजर रखने की जरूरत है.

सरकार की इस चिट्ठी का खुलासा तब हुआ, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इस चिट्ठी को ट्वीट किया और सरकार से सवाल पूछा. तेजस्वी यादव ने ट्वीट में सरकार पर सामाजिक ताने-बाने को खत्म करने का आरोप लगाया.

तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, 'माननीय नीतीश कुमार जी, NCRB की रिपोर्ट ने देश को बताया कि बिहार दंगों में अव्वल है. अब देखिए कुकर्मी सरकार ने लोक आस्था के महापर्व छठ पर कैसा विद्वेषपूर्ण व विघटनकारी आदेश दिया था. हर जात-धर्म के लोग छठ पर्व मनाते है. लोकपर्व की आस्था-भावना व सामाजिक ताने-बाने को ख़त्म ना करिए.'

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद मनोज झा ने मधेपुरा डीएम और एसपी के उस संयुक्त आदेश पर बड़ा सवाल खड़ा किया, जिसमें वर्ग विशेष को लेकर टिप्पणियां लिखी हैं. मनोज झा ने कहा कि नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि उनके आला अधिकारी किसके दबाव में इस तरह की भाषा का प्रयोग कर आदेश निकाल रहे हैं. मनोज झा ने कहा कि कई मुस्लिम समुदाय के लोग भी छठ करते हैं, ऐसे में वर्ग विशेष को लेकर इस तरह का आदेश कतई उचित नहीं है.

मधेपुरा से जारी सरकारी चिट्ठी पर जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अभी तक चिट्ठी की विश्वसनीयता तय नहीं है, लेकिन चिट्ठी में जिन अंश का जिक्र है वो जिस अधिकारी ने जारी की है उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. इस पूरे मामले पर स्पेशल ब्रांच ने चुप्पी साध ली है. एडीजी स्पेशल ब्रांच जीएस गंगवार ने बात करने से इनकार कर दिया. मीटिंग की व्यस्तता का हवाला देकर बात करने से किया इनकार कर दिया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने भी चिट्ठी पर कड़ा एतराज जताया है. अखिलेश सिंह ने कहा कि ऐसा पत्र बताता है कि बिहार के अधिकारी नागपुर में ट्रेनिंग लेकर आए हैं न कि संघ लोक सेवा आयोग के कार्यालय से.