जानें, नीति आयोग के बयान पर बिहार में क्या कह रहे पक्ष और विपक्ष

नीति आयोग के द्वारा दिये गए बयान के बाद बिहार में सियासत शुरू हो गई है. विपक्ष नीति आयोग के हालिया बयान पर चुटकी ले रहा है. साथ ही सरकार पर निशाना साध रहा है. वहीं, जेडीयू के नेता ने आयोग के बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

जानें, नीति आयोग के बयान पर बिहार में क्या कह रहे पक्ष और विपक्ष
नीति आयोग के बयान पर बिहार में पक्ष-विपक्ष में खलबली मची है. (फाइल फोटो)

पटनाः नीति आयोग के द्वारा दिये गए बयान के बाद बिहार में सियासत शुरू हो गई है. विपक्ष नीति आयोग के हालिया बयान पर चुटकी ले रहा है. साथ ही सरकार पर निशाना साध रहा है. आरजेडी के अध्यक्ष लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. तेजस्वी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार का बिहार मॉडल धोखाधड़ी और फर्जी है.

तेजस्वी यादव ने ट्विटर करते हुए लिखा कि 10 साल से बिहार में बीजेपी का राज है फिर भी यह राज्य पिछड़ कैसे गया. बिहार और बिहारी सभी टैक्स देते हैं. देश के निर्माण में बराबर के भागी है. एनडीए ने बिहार को 33 सांसद दिए हैं फिर भी बिहार पिछड़ा हुआ है.

वहीं, नीती आयोग के बयान पर बिहार मे सत्तारूढ़ दल के नेता भी नाराज दिख रहे है. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के बयान पर जेडीयू ने आपत्ति जताई है. जेडीयू के नेता नीरज कुमार ने कहा कि सभी क्षेत्रों के समान विकास से ही देश का पूरा विकास हो सकता है.  पिछड़े राज्य की सूची में शामिल होने के बावजूद बिहार लगातार पिछले 12 सालों से विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर में राष्ट्रीय औसत से आगे रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य में पड़ोसी राज्यों के नदियों का कहर और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को झेलने के कारण मानव विकास में परेशानी आती है तो इसके लिए राज्य जिम्मेदार नहीं हो सकता है. देश में जितने भी विकसित राज्य है उनमें बिहारियों का ही योगदान रहा है.

गौरतलब है कि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बयान दिया था कि बिहार और यूपी जैसे राज्यों की वजह से देश पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि व्यापार में सुविधा लाने के लिए हमने तेजी से सुधार किया है लेकिन मानव विकास सूचकांक में हम अभी भी पिछड़े हुए हैं.